

सारण :ग्रामीणों ने सड़क बांध का निर्माण कार्य रोका
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अजित कु सोनू की रिपोर्ट
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दिघवारा,क्षेत्र के बरूआं पंचायत एवं त्रिलोकचक पंचायत को जोड़ने वाली सड़क बांध का निर्माण कार्य घटिया तरीके से करने के कारण ग्रामीणों द्वारा रोक दिया गया।ज्ञात हो की पिछले अगस्त महीने में गंगा नदी मे आयी भीषण बाढ़ के कारण यह सड़क बांध पूरी तरह से ध्वस्त हो गई थी।ध्वस्त होने से बरूआं पंचायत एवं त्रिलोकचक पंचायत सम्पर्क पूरी तरह से भंग हो गया था।इसी बांध के टूटने से पुरे दिघवारा प्रखण्ड या यु कहे जिले के अधिकांश क्षेत्र रातो रात जलमग्न हो गए थे।स्थानीय ग्रामीणों ने बताया की ठेकेदार द्वारा पहले तो घटिया किस्म का मिट्टी से बांध भराई का काम शूरू किया गया फिर बांध पे बिना रोलर चलाये ईटकरण का काम कराया जा रहा था।ग्रामीणों की माने तो ध्वस्त हुए सड़क बांध की लम्बाई लगभग 100 फिट से ऊपर है और बांध की उचाई लगभग 50 फिट है फिर भी बिना ठोस बेस बनाये किसी तरह बांध को मिट्टी से भर दिया गया।।ठेकेदार द्वारा ना तो कोई योजना का बोर्ड लगाया गया है और न ही उसके निर्माण लागत को कही दरसाया गया है।बांध के निर्माण में किसी भी तकनीक का इस्तेमाल नही किया गया है बता दे की ये बांध गंगा नदी के काफी नजदीक है।निर्माण कार्य को देख के लगता है की अगर एक भारी बारिश हो जाये तो ये बांध ध्वस्त हो जायेगा।
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अनुज प्रतीक की रिपोर्ट
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दिघवारा,
क्षेत्र के बरूआं पंचायत एवं त्रिलोकचक पंचायत को जोड़ने वाली सड़क बांध का निर्माण कार्य घटिया तरीके से करने के कारण ग्रामीणों द्वारा रोक दिया गया।ज्ञात हो की पिछले अगस्त महीने में गंगा नदी मे आयी भीषण बाढ़ के कारण यह सड़क बांध पूरी तरह से ध्वस्त हो गई थी।ध्वस्त होने से बरूआं पंचायत एवं त्रिलोकचक पंचायत सम्पर्क पूरी तरह से भंग हो गया था।इसी बांध के टूटने से पुरे दिघवारा प्रखण्ड या यु कहे जिले के अधिकांश क्षेत्र रातो रात जलमग्न हो गए थे।स्थानीय ग्रामीणों ने बताया की ठेकेदार द्वारा पहले तो घटिया किस्म का मिट्टी से बांध भराई का काम शूरू किया गया फिर बांध पे बिना रोलर चलाये ईटकरण का काम कराया जा रहा था।ग्रामीणों की माने तो ध्वस्त हुए सड़क बांध की लम्बाई लगभग 100 फिट से ऊपर है और बांध की उचाई लगभग 50 फिट है फिर भी बिना ठोस बेस बनाये किसी तरह बांध को मिट्टी से भर दिया गया।।ठेकेदार द्वारा ना तो कोई योजना का बोर्ड लगाया गया है और न ही उसके निर्माण लागत को कही दरसाया गया है।बांध के निर्माण में किसी भी तकनीक का इस्तेमाल नही किया गया है बता दे की ये बांध गंगा नदी के काफी नजदीक है।निर्माण कार्य को देख के लगता है की अगर एक भारी बारिश हो जाये तो ये बांध ध्वस्त हो जायेगा।।।




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