सारण :कलयुग मे रामनाम संकीर्तन से मनुष्य भव सागर से पार कर जाते है – सुमित्रा शास्त्री
✍दिग्विजय सिंह बबलू की रिपोर्ट
डोरीगंज (सारण)
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सदर प्रखंड के मुसेपुर पंचायत के पश्चिमी बलुंआ गांव में आयोजित नौ दिवसीय श्री श्री हनुमते प्राण प्रतिष्ठा एवं श्री हनुमते महायज्ञ में संगीतमय राम कथा के दौरान अयोध्या से आयी कथावाचक सुमित्रा शास्त्री ने अपने प्रवचन में बतायी कि भगवान राम का चरित्र अनुकरणीय है। जब बक्सर के जंगलों में राक्षसो के अत्याचार से संत व महर्षि काफी दुखित हो गये थे। राक्षस उन्हें यज्ञ नहीं करने देते थे। तब संत-महात्माओ को इस कष्ट से मुक्ति दिलाने के लिए महर्षि विश्वामित्र अयोध्या मे जाकर राजा दशरथ से राम और लक्ष्मण दोनों भाइयों की मांग की थी। जिस पर
भगवान राम और लक्ष्मण अपने पिता के वचन को निभाने के लिए बचपनावस्था में ही महर्षि विश्वामित्र के साथ वन में चले गये। वहां जाकर महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ को सफल बनाये थे। यज्ञ में विध्न उत्पन्न करने वाले तारका व सुबाहु जैसे राक्षसो का वध भी किये थे। वहीं जब राजा जनक के द्वारा आयोजित स्वयंवर में जूटे देश-विदेश के राजा महाराजाओं से जब धनुष नहीं टूट पाया तब राजा जनक सोच में पड़ गये कि क्या सचमुच धरती वीरो से खाली हो गयी। उसी वक्त महर्षि विश्वामित्र के साथ स्वयंवर मे पहुंच शिव धनुष का खंडन कर धरती के वीरो की लाज बचाये। जिसके बाद उनका विवाह सीता के साथ विधिवत संपन्न हुआ । रामचरितमानस की पूजा हर घर में होने से घरों में सुख,संपत्ति में वृद्धि होती है। भगवान राम का त्याग, भातृ प्रेम, समाज के लिए एक संदेश है। कलियुग में राम नाम का भजन करने से मनुष्य भवसागर से पार हो जाता है। वहीं भगवान राम का पूजन करने से हनुमान की पूजा भी हो जाती है। राम दरबार में हनुमान भी शामिल हैं । राम नाम का कीर्तन करने से हनुमानजी काफी खुश होते है और राम के साथ हनुमान की कृपा भी उसव्यक्ति, उसके घर परिवार पर बनी रहती है। वहीं रात में भागवत कथा अयोध्या के अराधना मिश्रा के द्वारा व वाराणसी के कलाकारों के द्वारा राम लीला का आयोजन किया जा रहा है।इस दौरान स्थानीय मुखिया मुन्ना कुमार, बीडीसी जीतेन्द्र राय, सरपंच सर्बानंद राय, पैक्स अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, अधिवक्ता ओमप्रकाश राय, लक्ष्मण राय, राजेश राय, बिनोद राय,भूषण राय समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।




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