सांसद राजीव प्रताप की पहल पर जल संसाधन विभाग की विशेष बैठक आयोजित

पटना, 16 सितम्बर, 2019 । यदि जन प्रतिनिधि श्री रुडी की तरह ही जागरूक रहे तो स्थानीय समस्याओं को समाप्त करने में सरकार को सहूलियत होगी और क्षेत्रीय समस्याओं पर सरकार की नजर भी जायेगी। उक्त बाते सारण सांसद सह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव प्रताप रुडी की पहल पर बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग द्वारा सारण जिलान्तर्गत बाढ़, सिंचाई एवं गंडक परियोजना से संबंधित योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए आयोजित विशेष बैठक में विभागीय मंत्री संजय झा ने कही।

सांसद श्री रुडी के नेतृत्व में जल संसाधन मंत्री की अध्यक्षता में विभागीय सभाकक्ष में आयोजित विशेष बैठक में कार्यान्वित योजनाओं पर चर्चा हुई। बैठक में मुख्य अभियंता, सिंचाई विभाग, अधीक्षण और कार्यपालक अभियंता, सिंचाई विभाग, सारण, मुख्य अभियंता, बाढ़ नियंत्रण, अधीक्षण और कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण, सारण व अधीक्षण और कार्यपालक अभियंता, गंडक परियोजना, सारण उपस्थित थे। इनके साथ ही जल संसाधन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

सांसद श्री रुडी ने कहा कि अब रबी फसल की बुआई होने वाली है। किसानों को इसके लिए सिंचाई के पर्याप्त साधन की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई के प्रबंध के लिए नहर अंचल को विद्युत विभाग से समन्वय बनाकर कार्य करना चाहिए। जल संसाधन मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि समय रहते सिंचाई से संबंधित सभी उपकरण को ठीक कर लें और नहरों के तटबंधों की मजबूती भी सुनिश्चित कर लें। बैठक में योजनाओं की त्वरित कार्रवाई, जल जमाव और बाढ़ग्रस्त इलाके में राहत बचाव कार्य और पुनर्वास की स्थानीय योजनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने का आदेश सांसद श्री रुडी की पहल पर जल संसाधन मंत्री ने दिया। मंत्री श्री झा ने स्पष्ट किया कि गंडक परियोजना बिहार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में एक है। सारण से दो प्रमुख नदियां गंडक और गंगा गुजरती है इसलिए यहां बाढ़ और जल जमाव की स्थिति ज्यादा रहती है। इस हिसाब से तटबंधों की मजबूती और उसकी नियमित निरीक्षण का भी आदेश दिया गया। श्री रुडी ने सबलपुर के कटाव पर भी चर्चा की और इसके स्थाई निदान की बात कही। जल संसाधन मंत्री ने श्री रुडी को आश्वस्त करते हुए बताया कि इसके निदान के लिए पुख्ता उपाय किये जा रहे है।

श्री रुडी ने कहा कि गंडक परियोजना से निकले हुए नहर में इस समय जल का स्तर सही है परन्तु सालों भर नहर के माध्यम से किसानों के खेतों तक जल की उपलब्धता बनी रहे और सिंचाई में किसानों को सुलभता हो, यह सुनिश्चित करना चाहिए। इस पर जल संसाधन मंत्री ने इसके लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिया। विदित हो कि सन 1961 में शुरू हुई बिहार और उत्तर प्रदेश की सम्मिलित गण्डक परियोजना भारत की नदी घाटी परियोजनाओं में से एक है। बिहार में इस योजना से निकली नहर से सारण और तिरहुत प्रमंडल के ज़िलों की सिंचाई होती है।