आयकर विभाग ने शहर के चिकित्सक इंद्रमोहन व राम एकबाल के यहां किया सर्वे
#चिकित्सको के खाता भी की भी हो रही है जाँच
#आयकर अधिकारियों सहित 30 लोगों की टीम है शामिल
#प्रवेज़ अख्तर

सीवान.
मंगलवार को नगर में संयुक्त आयकर आयुक्त मोहमद शादाब अहमद के निर्देश पर सहायक आयकर आयुक्त कुमार राकेश रंजन के नेतृत्व में छह आयकर अधिकारियों सहित 30 लोगों की टीम ने डाक्टर इंद्रमोहन कुमार तथा डाक्टर राम इकबाल प्रसाद गुप्ता के नर्सिंग सहित 6 ठिकानों पर सर्वे की कार्यवाई की. मरीजों की संख्या एवं उनसे वसूलों जाने वाले फीस को आकलन किया जा रहा है ताकि एक वित्तीय वर्ष की सही आमदनी पता की जा सके. नये नसिंग होम के निर्माण दिये गये खर्च की जांच की जा रही है. डाक्टरों के बैंक एकाउंट एवं खाता बही की भी जांच की जा रही है. इससे संबंधित जांच घर में रिफर किये जाने वाले मरीजों से होने वाली कमिशन की आमदनी की भी जांच की जा रही है. अधिकांश डाक्टर अपना नेट प्राफिट 10 से 20 प्रतिशत ही दिखाते है. जबकि उनका सही प्राफिट 30 प्रतिशत से अधिक होना चाहिए. 2 प्रतिशत से कम नेट प्राफिट दिखाने वाले व्यापारियों के रिर्टन की जांच की जा रही है. ताकि इन पर सर्वे की कार्यवाई की जा सके.एडवांस टैक्स जमा नहीं करने वाले व्यापारी, दुकानदार, डाक्टरों के यहां सर्वे की कार्यवाई की जायेगी. एडवांस टैक्स नही देने वाले आयकरदाताओं को चिन्हित कर लिया गया है. आयकर रिर्टन नहीं फाईल करने वाले व्यापारियों , दुकानदारों को भी चिन्हित कर लियाग या है. सर्वे टीम में मुज्जफरपुर, सीवान, दरंभगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, छपरा, बेतिया, मधुबनी, मोतिहारी के आयकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम शामिल हुये जिसमें सनत पांडे, राय राजेश, संजय वर्मा, अनोज सिंह, विनोद कुमार, ध्रुवा आयकर अधिकारी शामिल रहे. केवल सेल्फ असेसमेंट टैक्स जमा करने वाले आयकरदाताओं को चिन्हित किया जा चुका है. इनके संयुक्त आयकर आयुक्त के काया्रलय से नोटिस भी भेजा गया है. ताकि वो एडवांस टैक्स जमा करे. केवल सेल्फ ऐसमेंट टैंक्स जमा करने वाले आयकरदाताओं के यहां सर्वों की कार्यवाई की जायेगी. दोनों डाक्टरों के यहां सर्वों का कार्य देर रात तक चलता रहा. टैक्स एवं पेनाल्टी का आकलन किया जायेगा. ढ़ाई लाख के उपर आमदनी के बावजूद जो व्यपारी, दुकानदार रिर्टन फाल नहीं कर रहे है. उनकी सूचना एकत्र कर ली गयी है. जीएसटी विभाग से भी संपर्क स्थापित किया गया है. ताकि रिर्टन फाईल नहीं करने वालों पर सर्वे एवं प्रोसेक्यूशन की कार्रवाई की जा सके.