मोतिहारी सराठा गांव निवासी अपहृत छात्र की जान खतरे में, दस दिनों बाद भी पुलिस को नहीं मिली सुराग
मोतिहारी जिले के ढाका थाना क्षेत्र के सराठा गांव निवासी सीए का छात्र अनुराग राज के अपहरण के दस दिनों के बाद भी पुलिस को अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस लागातार मुजफ्फरपुर व दरभंगा में छापेमारी कर रही है। छतौनी, चकिया व मुजफ्फरपुर के चक्कर चौक पर उसका लोकेशन आ रहा है।
अपहरण के बाद से ही छात्र का सेलफोन खुला है। उसका टावर लोकेशन छतौनी, चकिया, मुजफ्फरपुर के चक्कर चौक, मोतीझील चौक बता रहा है। पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है। जानकारी के अनुसार लोकेशन आठ दिसंबर से उसका टावर लोकेशन मुजफ्फरपुर के शुक्ला रोड, मोतीझील के इलाके में बता रहा है। उधर छतौनी व चकिया में लोकेशन मिलने की बात बताई जा रही है।
एएसपी सिकरहना बमबम चौधरी ने बताया कि छात्र के अपहरण के बाद ढाका थाना में प्राथमिकी दर्ज कर लगातार छापेमारी की जा रही है। दो छापेमारी दल का गठन किया गया है। एक टीम मुजफ्फरपुर व दरभंगा में छापेमारी कर रही है। दूसरी टीम वैज्ञानिक जांच के आधार पर कार्रवाई कर रही है।
लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम पहुंची दरभंगा : ढाका की पुलिस टीम लोकेशन के आधार पर दरभंगा में पहुंचकर छापेमारी कर चुकी है। बावजूद पुलिस को कोई अहम सुराग हाथ नहीं लग पाया है। अपहरण के बाद से अनुराग अपने गांव के एक मित्र से लगातार बात कर रहा है। इससे यह स्पष्ट है कि उसके सेलफोन का उपयोग किया जा रहा है।
अपहृत छात्र ने कॉल कर कहा- मुझे बचा लीजिए मेरी जान खतरे में है : अपहृत छात्र अनुराग राज पटना में रहकर सीए की तैयारी कर रहा था। वह सात दिसंबर को पटना से घर चला था, पर रास्ते से ही वह गायब हो गया। 12 दिसंबर को वह अपने चचेरे भाई अखिलेश के सेलफोन पर फोन कर कहा था कि भईया मुझे बचा लीजिए, मेरी जान खतरे में हैं। इसी के साथ वह फोन पर रोने लगा था। परिजन भी पुलिस टीम के साथ अनुराग की तलाश में हैं।




Recent Comments