
सोनपुर। सावन मास में राज्य के कोने-कोने से श्रद्धालु दक्षिण वाहिनी गंगा नदी पहलेजा में गंगाजल लेकर बाबा हरिहरनाथ साहित 65 किलोमीटर दूर पैदल चलकर बाबा गरीब नाथ मुजफ्फरपुर सहित अन्य शिवालियों में कांवरिया जलाभिषेक करते हैं.ऐसे में कांवड़ियों की सुरक्षा सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने आगामी श्रावणी मेला 2026 के सफल आयोजन एवं कांवरिया श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगमता सुनिश्चित करने को लेकर मंगलवार संध्या को सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार ने सोनपुर स्थित पहलेजा घाट से बाबा हरिहरनाथ मंदिर तक संपूर्ण मेला मार्ग का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने अधिकारियों क़ो घाटों पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, चेंजिंग रूम और शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। पीएचईडी को घाट क्षेत्र में 100 तथा मार्ग में 50 अस्थायी शौचालय बनाने को कहा गया। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षित स्थानों पर चेंजिंग रूम भी बनाए जाएंगे।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत घाटों की स्लोपिंग, बैरिकेडिंग, वॉच टॉवर और संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने का निर्देश दिया गया। आपात स्थिति से निपटने के लिए पहलेजा घाट पर SDRF टीम तैनात रहेगी।कांवरियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आने-जाने के अलग मार्ग बनाए जाएंगे। सड़क मरम्मत, लाइटिंग, पार्किंग, ड्रॉप गेट और केंद्रीय कंट्रोल रूम की व्यवस्था भी की जाएगी। पर्यटन विभाग द्वारा कांवरियों के विश्राम हेतु हैंगर बनाए जाएंगे।
स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत मेला क्षेत्र में 8 मेडिकल कैंप स्थापित किए जाएंगे, जिनमें 4 पहलेजा घाट पर 24 घंटे संचालित रहेंगे। ‘डाक बम’ श्रद्धालुओं के लिए विशेष काउंटर भी बनाए जाएंगे। पहलेजा घाट से लेकर सोनपुर पुरानी गंडक पुल एवं नई गंडक पुल पर जगह-जगह पुलिस बल एवं मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रावणी मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा और सेवा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस कार्य में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस दौरान सोनपुर के कई प्रशासनिक अधिकारी और संबंधित विभागों के अभियंता मौजूद रहे।




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