‘शिलारोहण’ की रस्म अदायगी को लेकर विवाद, बिना दुल्हन वापस लौटी बारात

दैनिक खोज खबर/रसूलपुर (एकमा)।

सारण जिले के रसूलपुर थाना अंतर्गत योगियां गांव में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहाँ वैवाहिक रस्म को लेकर हुए विवाद के बाद शादी टूट गई। ‘शिलारोहण’ की रस्म को लेकर दूल्हे की कथित लापरवाही से नाराज दुल्हन पक्ष ने शादी से इनकार कर दिया, जिसके बाद बारात को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा।

क्या है पूरा मामला ?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रसूलपुर के धानाडीह गांव से बारात योगियां गांव पहुंची थी। द्वारपूजा और स्वागत सत्कार के बाद शादी की रस्में शुरू हुईं। जब दूल्हा और दुल्हन मंडप में बैठे, तब पत्थर पर पैर रखने की रस्म ‘शिलारोहण’ की प्रक्रिया शुरू हुई। बताया जा रहा है कि दूल्हे ने इस रस्म को निभाने में आनाकानी की या विधि का उचित पालन नहीं किया। दूल्हे के इस व्यवहार को दुल्हन पक्ष ने अपनी परंपराओं का अपमान माना और कहा कि जो शादी की रस्म पूरा नहीं कर रहे है, वो आगे की जिम्मेदारियां कैसे निभाएंगे।

पंचायत भी रही बेनतीजा :

विवाद बढ़ता देख दुल्हन पक्ष और ग्रामीणों ने शादी रोक दी। ग्रामीणों का तर्क था कि जो व्यक्ति विवाह की शुरुआती रस्मों की गंभीरता को नहीं समझ सकता, वह आगे चलकर वैवाहिक जिम्मेदारियां कैसे निभाएगा। स्थिति तब और बिगड़ गई जब नाराज ग्रामीणों ने दूल्हे और उसके कुछ सगे-संबंधियों को एक कमरे में बंधक बना लिया। वधू पक्ष ने शादी की तैयारियों में हुए खर्च की भरपाई की मांग शुरू कर दी। मामले को सुलझाने के लिए रात भर पंचायत चली, लेकिन कोई ठोस हल नहीं निकल सका।

इलाके में चर्चा का विषय :

अंततः काफी गहमागहमी के बीच बारात को बैरंग वापस लौटना पड़ा। इस घटना के बाद दोनों परिवारों में खुशी का माहौल तनाव में बदल गया है। एक छोटी सी रस्म को लेकर शादी टूटने की यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। पुलिस प्रशासन को मामले की आधिकारिक सूचना दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है।