शहाबुद्दीन पर जितने भी केस दर्ज हुए हैं वे सब के सब लालू यादव के कार्यकाल के हैं- पप्‍पू यादव

#परवेज अख्‍तर, सिवान : रविवार की सुबह मधेपुरा के सांसद सह जनाधिकार पार्टी नेता पप्पू यादव सिवान पहुंचे। यहां आने के बाद शहर के पुरानी किला स्थित पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन के ससुराल पहुंचे। यहां पहुंच कर उन्होंने हीना शहाब से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दिया। पप्पू यादव ने कहाकि दुख की घड़ी में इस परिवार के साथ मेरी जिम्मेदारी बढ़ जाती है। यह मेरा परिवार है परिवार के बीच आया हूं। इस परिवार से मेरा गहरा रिश्ता है। संवेदना में आया हूं। पप्पू यादव का रिश्ता 1990 से पहले से सिवान एवं भाई के परिवार से है। पूरी पार्टी इस दुख की घड़ी में साथ है एवं आगे भी रहेगी। वहीं पप्पू यादव हीना शहाब एवं परिवार के अन्य सदस्यों से अकेले में मिल परिवार के प्रति दुख व्यक्त किया। परिजनों से मिलने के बाद पप्पू यादव गोपालगंज मोड़ स्थित राजवंशी देवी कन्या विद्यालय के सामने पार्टी कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने एक प्रेस वार्ता किया। इन्होंने बताया कि शहाबुद्दीन का राजनीति में सिर्फ इस्तेमाल किया गया है। इसी का नतीजा है कि आज वे दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है। इन्होंने यह भी कहां कि वहीं सलमान खान एक दिन में ही जेल से बाहर आ जाते हैं यह सब राजनीति का खेल है। इन्होंने लालू यादव एवं परिवार पर निशाना साधते हुए कहां की यह सिर्फ परिवार बाद की राजनीति करना जानते हैं। शहाबुद्दीन पर जितने भी केस दर्ज हुए हैं वे सब के सब लालू यादव के कार्यकाल के हैं। नीतीश कुमार के कार्यकाल में शहाबुद्दीन पर एक भी केस दर्ज नहीं हुआ है। लालू यादव ने नीतीश को भी मोहरा बनाया था। इन्होंने कहां की अगर सबसे ज्यादा कोई ठगा गया है तो वह शहाबुद्दीन का परिवार है। राज्यसभा के लिए सबसे पहला हक एवं दावेदारी हीना शहाब की थी लेकिन पैसे के खेल में 40 करोड़ में टिकट बेच दिया गया और इन्हें टिकट नहीं दिया गया। इन्होंने शहाबुद्दीन के बेटे पर बात करते हुए कहां
की ओसामा पर जब केस हुआ है तो अब तक उसका सुपरविजन क्यों नहीं हुआ है अब तक अंधेरे में क्यों रखा गया है। शहाबुद्दीन एवं उनके परिवार की स्थिति की देन एवं जिम्मेवारी यह सब लालू की देन है। इसके बाद पप्पू यादव इराक में मारे गए जिले के पांच मृतकों के परिजनों से मिलने देर शाम उनके घर पहुंचे तथा परिजनों के खाते में 50-50 हजार रुपए आर्थिक मदद देने की बात कही। मौके पर उमेर खान, नेयाज अहमद, संजय यादव, प्रेमचंद सिंह, टीका खान साहब, विश्वनाथ यादव, राकेश कुमार, चंदन सिंह, अनुराग मृदुल, रेहान अली समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।
लकड़ी नबी में पप्पू यादव का जोरदार स्वागत
संसू,लकड़ी नबीगंज (सिवान):मदारपुर मलमालिया एनएच मार्ग पर रविवार को छपरा से सिवान जाने के क्रम में जनाधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव और राष्ट्रीय महासचिब प्रेमचंद सिंह का गोरियाकोठी, भगवानपुर, बसंतपुर और लकड़ी नबीगंज के जुटे सैकड़ों जाप पार्टी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को फूल माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया। पप्पू यादव का मुख्य रूप से स्वागत करने वालो में जाप प्रदेश महासचिव डॉ. संधीर सिंह, अर्जुन सिंह, संतोष यादव, डॉ. शैलेश पांडेय, रोशन पांडेय, मुखिया पवन सिंह, मुखिया मंगल भूषण सिंह, प्रेम कुमार, मुन्ना मांझी, मोती यादव, अभिनव मिश्रा, महेश सिंह, राणा रंजित सिंह, आदि शामिल थे ।
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एक माह बाद पुणे से लापता व्‍यवसायी बरामद
सिवान : नगर के बैलहाट्टा निवासी सह व्यवसायी राजकुमार को पुणे में उनके रिश्तेदारों ने बरामद कर लिया है। राजकुमार 10 मार्च से लापता थे। लापता व्यवसायी की खोजबीन परिवार वाले, रिश्तेदार के साथ-साथ पुलिस भी कर रही थी। इसी सिलसिले में दो दिन पूर्व सिवान से पुणे गए लापता व्यवसायी राजकुमार के साला राजू कुमार ने शनिवार को ही 11 बजे पुणे पहुंचे थे। रविवार को राजू के नंबर पर 11 बजे उनके बहनोई राजकुमार का कॉल आया कि वे पुणे स्टेशन पर हैं। आनन-फानन में सूचना मिलते ही राजू एवं इनके चचेरे भाई संदीप पुणे स्टेशन गए जहां पुणे स्टेशन पर राजकुमार से मुलाकात हुई। मुलाकात के बाद साला ने सबसे पहले इसकी जानकारी अपनी बहन एवं राजकुमार की पत्नी स्मिता को दिया। जिसके बाद सभी परिवार वालों को जानकारी मिली। इस मामले में राजकुमार के छोटे भाई सुनील कुमार ने बताया कि जानकारी मिलते ही सबसे पहले नगर थाना में जाकर मौके पर उपस्थित एसआइ अरुण सिंह से बताया जहां से अरुण सिंह ने राजकुमार एवं राजू से कॉल से बात किया एवं सिवान आने को कहां। वहीं इस मामले में राजकुमार के साला राजू ने बताया कि वे जिस मकसद से पुणे गए थे वह पूरा हुआ। उन्होंने बताया कि मैं पुणे में एक वर्ष से गैराज चलाता हूं। लेकिन ये मामला सुनने के बाद मैं घर गया था। और दो दिन पूर्व मैं अपने बहनोई को खोजने के नियत से ही आया था। क्योंकि राजकुमार पुणे में चार वर्षों तक रहकर काम किए हैं। । राजू ने बताया कि उन्हें रविवार को 11 बजे कॉल आया और वे बोले कि मैं अभी पुणे स्टेशन पहुंचा हूं आप कहां है। फिर राजू ने उनसे पूछा कि आप स्टेशन पर कहां है तो राजकुमार ने बताया कि पुणे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म संख्या एक पर खड़ा हूं। जानकारी मिलते ही स्टेशन पहुंचा जहां अपने बहनोई से मिला। राजू ने बताया कि बेटे के मौत के कारण मानसिक संतुलन थोड़ा सही नहीं है। घटना के बारे में बताया ज्ञात हो कि 10 मार्च को राजकुमार शहर के सब्जी मंडी स्थित अपने आभूषण एवं कपड़ा के दुकान से 12 बजे दिन में अपने पिता ब्रह्मानंद प्रसाद से यह कह कर निकले थे की मैं अभी कुछ घरेलू सामान तथा हम दोनों के लिए चप्पल खरीद कर आ रहे हैं। थोड़ी देर में तब तक कोई ग्राहक दुकान पर पहुंचा तो पिता ने राजकुमार को फोन लगाया तो उनका नंबर बंद जा रहा था। जिसके बाद राजकुमार के पिता ने घरवालों को इसकी सूचना दिए। सूचना मिलते ही घर के सभी लोग फोन ट्राई करते रहे लेकिन देर रात तक उनका फोन नहीं लगा।
इसके बाद राजकुमार के परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस के वरीय पदाधिकारी को दी। पुलिस को सूचना मिलते ही पुलिस जांच में जुट गई थी। हालांकि परिजन उस वक़्त भी पुणे जाने की बात कहे थे। राजू ने बताया कि अभी फिलहाल उन्हें पुणे के यादोबाड़ी में परिवार के साथ रखा गया है। राजू ने बताया कि उनसे अभी तक कुछ भी पूछताछ नहीं किया गया है कि वे इतना दिन कहां थे क्या कर रहे थे। फिलहाल उन्हें आराम दिया जा रहा है। उनसे अभी सिवान आने के बारे में भी बात नहीं किया गया है।