•वैशाली :न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही स्वतंत्रता सेनानी रामचंद्र प्रसाद की विधवा पत्नी
•सन 2013 में बिहार सरकार ने कर दिया था विधवा की पेंशन स्वीकृति।
•पाँच वर्ष हो गया पेंशन स्वीकृति की पर नही मिला सेनानी की विधवा पत्नी को सम्मान पेंशन
प्रेम कुमार – बिदुपूर( हाजीपुर)

आजादी के अग्रणियों में से एक क्रांतिकारी महान स्वतंत्रता सेनानी स्व.रामचन्द्र प्रसाद साह उर्फ बजरंग बली जी जिनका जन्म-वैशाली जिले के बिदुपुर प्रखण्ड प्रखंड अंतर्गत बिदुपूर पुरानी बाजार के पावन भूमि वैशाली से जुड़ा हुआ है।
जिन्होंने इसी जिले के स्वतंत्रता सेनानी श्री सिताराम सिंह जी एवं स्व.अंबिका दास कनौजिया जी , स्व.अमिर गुरू सिंह,स्व.किशोरी प्रशंग सिंह,स्व.अवधेश नारायण सिंह के साथ कदमों से कदम मिलाकर आजादी की लड़ाई में जान की परवाह किये बगैर तथा लम्बी यातनाएँ एवं पीड़ा झेल वे अपनी जिन्दगी गुजार दिए।
वे एक ऐसे सेनानी थे जो लड़ते दम तक अंग्रेजो के हवाले नही हूए। और खंजरी बजाकर- देशभक्ति गान गाकर युवाओं के रक्त में देशभक्ति का जज्बा एवं नई ऊर्जा का संचार पैदा करते थे। जिन्हे घर परिवार की चिंता नही थी। वे ठान लिये थे।
अपनी भारत माता को पापी अंग्रेजो के चंगुल से मुक्त कराने की, आजादी के बाद पिछले कई दशकों से राज्य सरकार व केन्द्र सरकार के उदासीन रवैया एवं उपेक्षा के कारण इन स्वतंत्रता सेनानी का नाम गुमनामी के अंधेरों तथा भारत माता की आँचल में छिप गया था। इन्होंने अपनी न्याय के लिए कितने दरवाजे खटखटाते – खटखटाते जब इन्होंने अपनी भारत मां की आंचल छोड़ कर सन् 2012 ईo को दुनिया से विदा ले लिये।
उनके निधन होने के बाद न्याय के लिऐ सेनानी की विधवा पत्नी मुनकिया देवी दर दर की ढोकर खा रही थी। तभी सन् 2013 ईo में बिहार सरकार ने इनकी विधवा पत्नी को आश्रिता पेंशन देने की अनुशंसा कर दिया। वो भी पांच वर्ष हो गये। लेकिन केंद्र सरकार के प्रशासनिक पदाधिकारी ने उदासीन रवैया अपना लिया। सेनानी की विधवा पत्नी ने कहा की मैं आभार व्यक्त करती हूँ।
21 वीं सदी के महानायक देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का जिन्होंने एक बार फिर से देश के स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान के हितों में देश के सभी कोने-कोने एवं गांव-कस्बों में अपने मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों एवं सांसदों द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों के घर तक पहुँच कर उनकों तथा उनके आश्रितों एवं परिवार के सदस्यों को सम्मानित करे ।
उसने कहा की एक ओर भारत छोड़ो आंदोलन के वर्षगाँठ मनाकर सेनानीयो को सम्मानित कर के पीठ ठपठपा रहे है और दुसरी ओर सेनानी के पत्नी जो अपनी पति के न्याय के लिए आवाज उठा रही हैं तो आवाज को केंद्रीय प्रशासनिक पदधिकारी द्वारा आवाज को दबाया जा रहा है। उसने श्री नरेंद्र मोदी जी से आग्रर्ह किया है आपने सराहनीय कार्य तथा ठोस कदम उठाया है कि देश के कोने-कोने में यह संदेश देने का भी काम किया है । कि देश की रक्षा के लिए किसी भी व्यक्ति द्वारा दी गई वलिदान,बेकार नहीं जायेगी।
आज मुझे भी इस बात का गर्व है कि मुझे भी स्वतंत्रता सेनानी स्व. रामचंद्र प्रसाद साह उर्फ बजरंग बली जी का पत्नी होने का सौभाग्य प्राप्त है। साथ ही मैं माननीय मोदी जी को धन्यवाद दूंगी। जिन्होंने मुझे यह एहसास दिलाया कि मैं भी किसी स्वतंत्रता सेनानी के परिवार का सदस्य नही हूँ। उसने बताया कि मैं कैसे गौरवान्वित महसूस करूं मैं सेनानी की धर्मपत्नी हूं आज मुझे इस बात का गर्व है कि एक बार फिर से केन्द्र एवं राज्य सरकार मिलकर स्वतंत्रता सेनानियों तथा उनके परिवार के सदस्यों को सम्मानित करें। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हमारी हक छीनी गई तो हमें उग्र आन्दोलन करने से कोई रोक नहीं सकता हैं।




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