वीरांगना बहुरिया रामस्वरूपा देवी के द्वारा स्थापित इस मेले को क्रान्तिकारी धरती से जोड़कर देखना चाहिए- सिग्रीवाल

अमनौर /सारण
मेला मिलन का एक केन्द्र बिन्दु है. मेला आधुनिकता के साथ – साथ पौराणिकता को जोड़ता है. उक्त बातें अमनौर जवाहर बाग स्थित सर्वोदय मेला के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप अपने संबोधन में महराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने कही. उन्होंने कहा कि अंदर के रावण को बाहर निकाल कर फेंके तभी सही समाज का विकास होगा. दशहरा असत्य पर सत्य की विजय की तौर पर मनायी जाती है. मेला का अपना इतिहास है. वीरांगना बहुरिया रामस्वरूपा देवी के द्वारा स्थापित इस मेले को क्रान्तिकारी धरती से जोड़कर देखना चाहिए. तथा इसके विकास के लिए आम लोगों को आगे आने की जरूरत है . श्री सिग्रीवाल ने अपने संबोधन में आगे कहा जिस तरह देश सबका साथ सबका विकास के रास्ते आगे बढ़ रही है. उसी तर्ज पर मेला का भी विकास होना चाहिए. इसकी समीक्षा होनी चाहिए.

उक्त मौके पर मेला समिति के द्वारा मेला में बढचढकर हिस्सा लेने व सहयोग करने वाले दर्जनों युवकों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया. वहीं अतिथियों को भी अंगवस्त्र व माला पहनाकर उनका स्वागत किया गया. उक्त मौके पर मुख्य रूप से मेला समिति के संरक्षक अजय प्रताप सिंह शरद, प्रियरंजन सिंह युवराज, कमलेश सिंह , तेजनरायण सिंह, अध्यक्ष महेश सिंह, शिवानुग्रह नारायण सिंह, जयंत सिंह, आदि लोगों ने अपने अपने विचार व्यक्त किए. अभिनंदन पत्र मेला सचिव सुरेन्द्र कुमार सिंह ने पढ़ा वहीं मंच का संचालन पूर्व प्राचार्य महामाया प्रसाद विनोद ने किया.

उक्त मौके पर मेला समिति के द्वारा मेला में बढचढकर हिस्सा लेने व सहयोग करने वाले दर्जनों युवकों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया. वहीं अतिथियों को भी अंगवस्त्र व माला पहनाकर उनका स्वागत किया गया. उक्त मौके पर मुख्य रूप से मेला समिति के संरक्षक अजय प्रताप सिंह शरद, प्रियरंजन सिंह युवराज, कमलेश सिंह , तेजनरायण सिंह, अध्यक्ष महेश सिंह, शिवानुग्रह नारायण सिंह, जयंत सिंह, आदि लोगों ने अपने अपने विचार व्यक्त किए. अभिनंदन पत्र मेला सचिव सुरेन्द्र कुमार सिंह ने पढ़ा वहीं मंच का संचालन पूर्व प्राचार्य महामाया प्रसाद विनोद ने किया.




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