लापता व्यक्ति की साइकिल लावारिस हालत में सरयू नदी से बरामद, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका

दैनिक खोज खबर/मांझी(सारण)। बीते पांच सितंबर को मांझी थाना क्षेत्र के ड्यूमाइगढ से बच्चों को ट्यूशन पढ़ा कर वापस अपने घर लौट रहे गरया टोला निवासी व पेशे से प्राइबेट शिक्षक कमल चौधरी उम्र 40 वर्ष की साइकिल शनिवार को ड्यूमाइगढ के गरया टोला सलुइस गेट के समीप सरयु नदी से पुलिस ने लावारिस हालत में बरामद किया है। इससे पहले स्थानीय मछुआरों ने सरयु नदी के किनारे मिट्टी के दलदल में धंसी साइकिल को देखा तथा इसकी सूचना मांझी थाना पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे मांझी के थानाध्यक्ष आशीष कुमार ने साइकिल को तत्काल दलदल से बाहर निकलवाया तथा गोताखोरों की सहायता से उसके आसपास शव आदि की खोजबीन कराई हालांकि कोई शव आदि नही मिला। बरामद साइकिल गरया टोला निवासी व प्राइबेट शिक्षक कमल चौधरी की बताई जाती है। साइकिल की पहचान होने के बाद घटनास्थल पर मौजूद शिक्षक के भाई बबन चौधरी फफक कर रोने लगे। उन्होंने पुलिस से बातचीत के क्रम में पांच सितंबर को रहस्यमय ढंग से लापता अपने भाई की हत्या कर शव को सरयु में बहा दिए जाने की आशंका ब्यक्त की। उन्होंने बताया कि बीते पांच सितंबर को उनके भाई ड्यूमाइगढ से बच्चों को ट्यूशन पढ़ा कर घर लौट रहे थे,इसी बीच नदी किनारे बने बांध के रास्ते से वे रहस्यमय ढंग से लापता हो गए। काफी खोजबीन करने के एक सप्ताह बाद भी उनके भाई का कोई सुराग नहीं मिल सका है। शनिवार को नदी से साइकिल बरामद होने के बाद से लोगों की जेहन में शिक्षक की हत्या की आशंका बढ़ गई हैं। उन्होंने बताया कि उनके भाई ने पांच सितंबर की शाम आठ बजकर दस मिनट पर अंतिम बार पुलिस के डायल 112 तथा गांव के एक अन्य ब्यक्ति के नम्बर पर कॉल किया था। उन्होंने आशंका जताई कि उन्होंने अपने सामने किसी खतरे को भांप कर ही पुलिस से जान बचाने के उद्देश्य से फोन किया था। उसके बाद से उनके भाई का मोबाइल बन्द हो गया। पुलिस लापता शिक्षक की मोबाइल के कॉल डिटेल्स के आधार पर घटना की सच्चाई का तह तक पता लगाने में जुट गई है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को मांझी थाना में उन्होंने अपने भाई की गुमशुदगी की एक प्राथमिकी भी दर्ज कराई है,जिसमें सलेमपुर निवासी एक सरकारी शिक्षक को उन्होंने नामजद किया है। उन्होंने बताया कि नामजद शिक्षक के कागजात में कथित गड़बड़ी को लेकर उनके भाई ने शिक्षा विभाग से जुड़े वरीय पदाधिकारियों से लिखित शिकायत की थी तथा उनकी शिकायत के आलोक में मामले की जांच भी चल रही थी। इसी वजह से उक्त शिक्षक से उनके भाई का मतभेद भी चल रहा था। घटना स्थल पर मौजूद दर्जनों ग्रामीणों के अलावा पूर्व जिप सदस्य द्वय धर्मेन्द्र सिंह समाज तथा राजू गुप्ता,घोरहट के मुखिया प्रतिनिधि शैलेश्वर मिश्रा एवम जदयू नेता निरंजन सिंह आदि ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर घटना का पर्दाफाश करने के साथ साथ दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की।