•राजस्थान उपचुनाव: तीन उपचुनावो में मांडलगढ़ के उपचुनाव की हलचल इन दिनो मौसम की ठंड के साथ साथ ठंडी पड़ी
[✍न्यूज इनपुट दिलीप मेहता मांडलगढ़ राजस्थान:] राजस्थान में तीन उपचुनावो में मांडलगढ़ के उपचुनाव की हलचल इन दिनो मौसम की ठंड के साथ साथ ठंडी पडी है और हल्की धूप की तरह शीघ्र ही चुनाव की गर्मी भी दस्तक देने वाली है। ऐसा माना जा रहा है कि संभवतया 8–10 दिन में चुनाव की घोषणा होकर आचार संहिता लग सकती है।
राजस्थान में तीन जगह उपचुनाव होने है जिसमें मांडलगढ विधानसभा सीट भी शामिल है। मांडलगढ़ में भाजपा व कांग्रेस दोनो दल बुथ स्तर तक बैठके कर रहे है ताकी संगठन मजबूत होकर काम करे, हर 2-4 दिनो में मंत्री व पूर्व मंत्री आकर इसमें लगे हुये है।
चुनावी टिकट के बारे में सभी मौन है:-चयन दोनो दलो में किसका होगा कोई बताने को तैयार नहीं है।जनता में बस अंदाजा लगाकर चर्चा जरूर है कि यह नहीं वो होगा तथा वो उस पर भारी पडेगा ,, बस यहीं सुनने को मिल रहा है।
अभी सभी खामोश है लेकिन इस बार लग रहा है कि इस उपचुनाव में समाजवादी पार्टी से भी उम्मीद्वार खडा होकर चौंका सकता है ? मुख्य दल भाजपा व कांग्रेस में भी गुटबाजी की आवाजे फोडे की तरह झलकती हुई दिखाई दे रही है।
अगर समय रहते इस और ध्यान नहीं दिया तो फिर गुटबाजी के घाव को भरने में काफी वक्त लगेगा जिसका अंदाजा लगाना मुश्किल होगा । जन चर्चाओ में यह भी सुनाई दे रहा है कि सीपी जोशी अगर आलाकमान के कहने पर मांडलगढ़ सीट पर उपचुनाव लडते है तो फिर अजमेर से सचिन पायलेट व अलवर से भंवर जितेन्द्रसिंह भी चुनाव लडे ?
जोशी लडते है तो मांडलगढ़ में कांग्रेस का कल्याण विजय की और हो सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है।आज राजनीति में सुपर पॉवर के साथ अशोक गहलोत एकदम उभर कर मजबूती से आते दिख रहे है। गुजरात के चुनाव परिणाम का नतीजा जो भी आये लेकिन गहलोत की सक्रियता व रणनीति से कांग्रेस पहली बार मजबूती से उभर रही है और साफ संकेत है कि पिछली तुलना से इस बार कांग्रेस में सीटो की बढो़तरी हो सकती है।
गुजरात में काग्रेस बेहतर प्रदर्शन करती है तो इसका श्रैय ‘ जादूगर ‘ गहलोत को ही जायेगा और केन्द्रीय कांग्रेस आलाकमान में भी गहलोत का वजन बढे़गा। गहलोत फिर राजस्थान की कांग्रेस के मजबूत जननायक बन जायेगे और 2018 के विधानसभा चुनाव का एक मात्र मुख्यमंत्री का चेहरा अशोक गहलोत के नाम ही होगा।
गुजरात के चुनावी माहौल में गहलोत भी राहुल गांधी के काफी निकट आ गये है । इस निकटता के चलते कुछ पॉवर फूल भी अब पॉवर गुल होकर रहेंगे ऐसी चर्चायें सुनने को मिल रही है।
बात मांडलगढ़ उप चुनाव की है:-जनचर्चाओ के अनुसार भाजपा में भी मुख्यमंत्री राजे के आने से पहले संगठन के प्रभारियो के फेरबदल ,, मांडलगढ़ में राजे के आगमन पर समाज के नाम पर चहेतो को बुलाने तथा स्थानीय राजनीति में जिले का दखल जगजाहिर है तो कांग्रेस में बढ़ती गुटबाजी व टिकट को लेकर बे वजह नजर आ रहे घमासान से संगठन में मजबूती टुटती दिखाई दे रही है । हाल ही में भीलवाडा दौरे पर आये सीपी जोशी जी के बेबाक बोल से भी कांग्रेस जन सोचने को मजबूर होगे।

कूल मिलाकर आचार संहिता लगते ही अधिकारी सक्रिय होकर कानूनी पालना में जुट जायेंगे तो टिकट के लिये दौड में शामिल कई चेहरे अपनी अपनी छलागें मारने में व्यस्त हो जायेंगे। कांग्रेस व भाजपा में कौनसा चेहरा टिकट लेकर जनसेवा के लिये विधानसभा की जनता से रूबरू होकर अपनी कथनी और करनी को समझायेगा और फिर जीतकर विधानसभा में जाने के लिये राजतिलक लगवायेगा।

यह समय शीघ्र आनेवाला है और करीब करीब अंतिम दौर में होकर जल्दी सुनाई देने वाला है। ऐसी संभावनायें भी झलक रही है कि मांडलगढ़ विधानसभा सीट का उपचुनाव 2018 के जनवरी माह की 14 से 24 तारीख के बीच होगा और परिणाम 26 जनवरी के बाद आ सकेगा।

यह संभावनाये है जो सामने है बाकी राज और चुनाव आयोग की आवाज ही सर्वोपरी होगी ?

अब इस ठंड में चुनावी गर्मी आनेवाली है और फिर चुनावी दंगल में टिकटो के नामो की घोषणा होते ही किसको कितनी गर्मी लगेगी और किसको कितनी ठंड लगेगी इसका इंतजार करना पडेगा ..बाकी .आगे फिर क्या गुल खिलेगा और वो कैसा होगा…… यह तो बस … राम ही जाने ????? 🤷🏼‍♂🤷‍♀