प्रगति को सतत् बनाए रखे – डॉ. सिंह
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलक्टर डॉ. सिंह ने चिकित्साधिकारियों को दिए निर्देश
फ़िरोज़ खान
बारां, 20 जून। जिला कलक्टर डॉ. एस.पी. सिंह ने कहा कि बारां जिला भामाशाह स्वास्थ्य योजना के तहत प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है जो सभी के लिए उत्साह व हर्ष की बात है इस प्रगति को सतत् बनाए रखने की आवश्यकता है।
कलक्टर डॉ. सिंह मंगलवार को मिनी सचिवालय सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में चिकित्साधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना योजना के तहत जिले में दावों का शीघ्र निस्तारण हुआ और आमजन को इसका समुचित लाभ भी प्राप्त हुआ है जिससे बारां जिला भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है इसके लिए सभी चिकित्सा अधिकारी बधाई के पात्र हैं। साथ ही उन्होंने इस योजना के तहत लंबित दावों का निस्तारण करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में समस्त ब्लॉक चिकित्सा अधिकारियों को मौसमी बीमारियों से बचाव व रोकथाम हेतु प्रबंध, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर स्वच्छता व सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए उन्हें ग्रीनफील्ड के रूप में विकसित करने, पं. दीनदयाल उपाध्याय विशेष योग्यजन शिविर 2017 के प्रथम चरण में दिव्यांगजनों के प्रमाणिकरण शिविर में 21 प्रकार की विकलांगता को प्रमाणित करने आदि के संबंध में निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. बृजेश गोयल, सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक रामराज मीणा, समस्त ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी एवं चिकित्सा विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।
पावर प्वाइंट प्रजेन्टेशन से दिया प्रशिक्षण
बैठक में पीएमओ डॉ. संपतराज नागर ने पं. दीनदयाल उपाध्याय विशेष योग्यजन शिविर – 2017 के प्रथम चरण में निशक्तता प्रमाणिकरण शिविरों की सफलता सुनिश्चित करने हेतु ब्लॉक चिकित्सा अधिकारियों को पावर प्वाइंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर एसीपी महेन्द्रपाल ने बताया कि दिव्यांगजनों का रजिस्ट्रेशन जिले के ई-मित्र केन्द्रों पर किया जा रहा है इसके लिए पात्र व्यक्ति के पास आधार व भामाशाह कार्ड होना आवश्यक है।
योग का महत्व बताये
कलक्टर डॉ. एस.पी. सिंह ने बैठक में सभी चिकित्सा अधिकारियों को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर जिला व ब्लॉक स्तर पर आयोजित हो रहे योग दिवस समारोह में अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश देते हुए कहा कि चिकित्सक आमजन को योग का महत्व बताकर स्वस्थ जीवन जीने में सहायक बन सकते हैं। यदि चिकित्सक स्वयं योग को अपनाएंगे तो आमजन भी उनका अनुसरण करते हुए योग का लाभ लेने हेतु प्रेरित होंगे।