योगी के सिर पर फुलो का ताज या काटों का,समय क्या करवट लेता है देखना यह है
आजाद नेब जयपुर 18 मार्च: योगी आदित्यनाथ को यूपी का मुख्यमंत्री बनाया जाना चुनावी नतीजों के बाद दिए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में कही गई बाते से मेल नहीं खाता। प्रधानमंत्री ने कहा था जब पेड़ फलदार हो जाता है तो वो झुक जाता है।
यानी अब भाजपा के नरम होने का वक्त आ गया है। लगता है कि 325 फूल खिलने के बाद पेड़ और तन कर खड़ा हो गया है। इसका दूसरा पहलू ये है कि मोदी ने दूर की कौड़ी चली है। योगी अगर सत्ता से बाहर रहते तो अपने हिंदुत्व के एजेंडे को लेकर आए दिन बवाल मचा सकते थे।
लिहाज़ा मोदी ने योगी को सत्ता की कमान देकर इस फायर ब्रांड नेता को संविधान और कानून के दायरे में बांध दिया है। देखना यह योगी जितना हिन्दुत्व के मामले मे अग्रिम रहते थे। तो क्या मुख्यमंत्री बनने के बाद यह संम्भव होगा। अगर हां तो विकास का क्या नही होगा तब भी अंन्धभक्त को क्या देंगे जवाब यानी इधर पड़ो तो कुआं उधर गिरो तो खाई। मोदी ने योगी को “सबका साथ सबका विकास” का अपना एजेंडा लागू करके दिखाने की बड़ी चुनौती दे दी है।
देश का प्रधानमंत्री हो या प्रदेश का मुख्यमंत्री काम सभी को संविधान के दायरे में ही रह कर करना है। लिहाजा योगी के मुख्यमंत्री बनने पर किसी को डरना चाहिए। अभी तो योगी को नेता चुना गया है। अभी तो शपथ होगी। सरकरी का एजेंडा सामने आएगा।
तब कहीं जाकर पता चलेगा कि मोदी के चहेते योगी सचमुच विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेंगे या फिर सांप्रदायिक ताक़ते विकास के चोले में छिप कर यूपी को ठीक उसी तरह विनाश के रास्ते पर ले जाएंगी जैसे तालिबानी सोच ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान को बर्बाद करके दिया है।
आखिर मोदी जी ने खुद कहा है कि सरकार बनती भले ही बहुमत से हो लेकिन चलती सर्वमत से है। ये देखना दिलचस्प होगा कि प्रचंड बहुमत वाली इस सरकार के फायरब्रांड नेता सरवमत कैसे बनाते है।




Recent Comments