●स्वास्थ बिभाग की टीम ने कई विद्यालयों को बनाया केंद्र

मढ़ौरा(सारण). लॉकआउट में दूसरे प्रदेशों से किसी तरह गांव पहुंचना लगातार जारी है। तो दूसरी तरफ इसको लेकर स्थानीय ग्रामीण पूरी तरह से अलर्ट हैं और वह उन्हें खुद अस्पताल तक पहुंचा रहे हैं । शनिवार की सुबह कोलकाता और अन्य प्रदेशों से ट्रकों में सवार होकर किसी तरह पहुंचे करीब 200 लोगों की स्क्रीनिंग मढ़ौरा रेफरल अस्पताल के द्वारा की गई । अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार रेफरल अस्पताल में 105, उच्च विद्यालय मढ़ौरा केंद्र पर 56, विक्टोरिया बाजार मध्य विद्यालय में 61 और इसरोली मिर्जापुर में 26 लोग सहीत कई केंद्रों गौरा, सिसवा, ओलहनपुर, दयालपुर, सलिमापुर, तेजपुरवा आदि में कुल 248 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग इंफ्रारेड थर्मामीटर के द्वारा की गयी । अस्पताल प्रबंधक सुशील कुमार गौतम ने बताया गया कि किसी भी व्यक्ति में कोरोनावायरस के लक्षण नहीं मिले है । हालांकि इंफ्रारेड थर्मोमीटर स्क्रीनिंग की प्रारंभिक प्रक्रिया है । इसके द्वारा केवल संबंधित व्यक्ति के शरीर का टेंपरेचर काउंट होता है। अस्पताल के अनुसार किसी व्यक्ति का टेंपरेचर जांच के दौरान अगर 100 डिग्री सेंटीग्रेड या अधिक होता है तो मशीन का लाइट खुद से रेड हो जाता है । तब ऐसे व्यक्तियों अस्पताल प्रबंधन निगरानी में रख लेता है । निगरानी में अन्य कोई दूसरे लक्षण भी प्रकट होने पर व्यक्ति को सदर अस्पताल में वेहतर चिकित्सा के लिए रेफर किया जाता है ।
•लाख-लाख रुपया किराया तय कर ट्रक से पहुंच रहे है लोग
पुरे देश में लॉकआउट के बाद आने-जाने के सभी साधन बंद हो गए हैं । ऐसे में रोजगार के लिए दूसरे प्रदेशों में गए स्थानीय लोग घर आने के लिए किसी तरह का रास्ता अपना रहे हैं । लोग ट्रक को किराया पर लेकर दर्जनों की में खुदवऔर पूरे परिवार के साथ अपने गांव पहुंच रहे हैं । यह सिलसिला लगातार जारी है जिससे चिकित्सा कार्य से जुड़े कर्मी और पुलिस पदाधिकारियों की परेशानी बढ़ गई है । मिली जानकारी के अनुसार लोग ट्रक को लाख लाख रुपया किराया पर लेकर किसी तरह अपने घर पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं और ट्रक वाले भी लेन देन कर बीच के सैकड़ों चेक पोस्ट को पार कर लोगों के उनके गांव तक छोड़ रहे है । इस तरह के एक मामले में मढ़ौरा थाना ने भी शुक्रवार की रात एक ट्रक को लोगों के भीड़ के साथ पकड़ा और उसे जप्त कर लिया है ।




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