● बच्चे को स्पर्श करने से पहले हाथों की करें अच्छे से सफ़ाई

छपरा. कोरोनावायरस संक्रमण की ख़बरें हर तरफ से आ रही है. इस बीच सभी का ध्यान इस संक्रमण से बचाव का अधिक हो चुका है, जो जरुरी भी है. लेकिन ऐसे में नवजात की देखभाल भी उतना ही जरुरी हो जाता है. कोरोनावायरस को लेकर लॉकडाउन की स्थिति में नवजात की सेहत ख़राब होने पर चुनौतियाँ बढ़ सकती है. इस लिहाज से नवजात को बीमार होने से बचाने की भी अधिक जरूरत है ताकि लोगों को अपने नवजात को दिखाने के लिए अस्पताल जाने की नौबत नहीं आए.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ रविशंकर प्रसाद सिंह ने कहा कि शिशु के लिए स्तनपान अमृत समान होता है. 6 माह तक केवल स्तनपान करने से शिशु कई गंभीर बीमारियों जैसे डायरिया एवं निमोनिया से बचा रहता है. साथ ही इससे शिशु के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का भी विकास होता है. कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए नवजात देखभाल की जरूरत अधिक बढ़ जाती है. इसके लिए परिवार वालों को सावधानियां बरतने की जरूरत है ताकि नवजात को कोई भी संक्रमण ना हो सके. जिन बातों पर ध्यान रखना जरूरी है, उसके लिए कहा गया कि अधिक से अधिक बार बच्चे को स्तनपान कराएँ ।साथ ही स्तनपान कराने से पहले माताएं अपनी स्वच्छता का ख्याल रखें.
बता दें कि कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर देश के सभी राज्यों में लॉकडाउन की घोषणा की गयी है. इसलिए यदि ऐसी स्थिति में आपके नवजात की सेहत बिगडती है तब समस्या बढ़ सकती है. इसके लिए जरुरी है कि नवजात की घर पर ही अच्छे से देखभाल की जाए. इसमें स्तनपान के साथ कंगारू मदर केयर एक प्रभावी उपाय हो सकता है. इससे नवजात में हाइपोथर्मिया की समस्या से भी निज़ात मिलेगा एवं कम वजन के बच्चों के वजन में भी वृद्धि होगी. यदि नवजात को डायरिया की भी समस्या होती है तब घबराने की जरूरत नहीं है. ऐसे में नवजात को स्तनपान कराते रहना चाहिए. 6 माह से कम उम्र के बच्चों को ऊपर से पानी या किसी और पेय पदार्थ को देने से बचना चाहिए. यदि तब भी डायरिया प्रबंधन नहीं हो पाए, तब चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए.




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