मांझागढ़ गोपालगंज ,कड़ाके की पड़ रही धूप तो कभी बादल की छाया से ठंड और गर्म होने से लोग सर्दी खांसी और बुखार से पीडित होने लगे है ।इलाज कराने के लिए अस्पतालों में लोगो की तदाद लगने लगी है ।प्रति दिन अस्पतालों में 100 से 150 तक मरीज पहुच रहे है ।जिन्हें सरकारी अस्पतालों में इलाज कर निशुल्क दवा ठीक होने के लिए दिए जा रहे है।वही प्राइबेट से इलाज कराने वाले को 500 रुपया डॉक्टर का फीस देना पड़ रहा है उसके बाद जांच डॉक्टर के द्वारा ब्लड अल्ट्रासाउंड एक्सरे के माध्यम से आवश्यकता के अनुसार कराया जाता है । जिसमे हजार रुपया जांच में लग जाते है ।तो हजार रुपया की दवा भी खरीदना पड़ रहा है ।गरीब मजदूर तो सरकारी अस्पताल में ही अपना इलाज कराते है ।उन्हें प्राइबेट से इलाज के लिए एक हजार से पांच हजार तक कि व्यवस्था करेगे तभी प्राइबेट में इलाज करा सकते है ।इस कोरोना । महामारी में प्राइबेट डॉक्टरों के फीस ज्यादा रहने के वजह से आम आदमी को प्राइबेट में इलाज कराने के लिए सोचना पड़ रहा है ।इस समय सकरार के द्वारा सरकारी अस्पताल में आवश्यकता के अनुसार मरीजो के इलाज के व्यवस्था है ।कि गरीब मजदूर सरकारी अस्पताल में अपना इलाज करा रहे है ।