मौलाना जमालुद्दीन चतुर्वेदी के जनाजा में उमड़े लोग

#परवेज अख्तर/सिवान;

मैरवा (सिवान) : हिंदू मुस्लिम एकता की पहचान और बिहार उत्तर प्रदेश झारखंड में प्रसिद्ध मौलाना जमालुद्दीन अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके देहावसान के बाद गुरुवार को उनके गांव मोती छापर के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनके जनाज़ा की नमाज़ मदरसा सिराजुल उलूम के सदर मुफ्ती महफुजु-उर-रहमान ने पढ़ाई। इसमें उनके रिश्तेदार बिहार व उत्तर प्रदेश के कई मुफ्ती मौलाना और स्थानीय लोग शामिल हुए। जनाजे में शामिल होने के लिए देवरिया लखनऊ और मुंबई से भी लोग आए थे। इस संदर्भ में मौलाना के बड़े भाई के पुत्र मास्टर मोहम्मद अमानुल्लाह ने बताया कि मौलाना का देहांत 100 साल की उम्र में हुआ। मौलाना ने मैरवा स्टेशन चौक की बड़ी मस्जिद की बुनियाद रखी और लंबे समय तक इस मस्जिद में इमाम रहे।उन्होंने उत्तर प्रदेश के रामपुर बुजुर्ग में एक मदरसा स्थापित किया। वे हिंदू मुस्लिम एकता को लेकर अपनी तकरीर करते थे। दोनों समुदाय में वे काफी चर्चित थे और इज्जत की निगाहों से देखे जाते थे।
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