
मोतिहारी (पू.च.) एक माह में ग्राहक को एक बार ही होगी बालू-गिट्टी की आपूर्ति
[✍दैनिक खोज खबर मोतिहारी पुर्वी चंपारण डेस्क:] मोतिहारी बालू-पत्थर की कालाबाजारी न हो और आम लोगों को सुविधा के साथ आपूर्ति हो सके इसके लिए विभाग ने हर संभव प्रयास किया है। विभाग ने जहां बालू-पत्थर को कैशलेस रखा है वही इसके भंडार की सीमा निर्धारित कर दी है, ताकि लोग इसका गलत उपयोग कर कालाबाजारी न कर सके। विभाग ने व्यापारियों के साथ-साथ उपभोक्ताओं द्वारा खरीदारी की सीमा तय कर दी है। अगर किसी को तय सीमा से अधिक की आवश्यकता है तो वे धीरे-धीरे आपूर्ति ले सकते हैं। इसकी जानकारी देते हुए डिपो प्रबंधक प्रत्युश किरण ने बताया कि जरूरत के हिसाब से लोगों को बालू की आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने बताया कि बालू-पत्थर लेने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। वही एक व्यक्ति एक माह में एक बार ही बालू-पत्थर की खरीदारी सरकार के तय सीमा के अनुरूप कर सकता है।
•साधारण नागरिक को होगी आपूर्ति : एक साधारण नागरिक को अपने निजी उपयोग के लिए बालू-पत्थर खरीदने के लिए आधार कार्ड देना अनिवार्य है। एक आधार कार्ड पर एक व्यक्ति एक माह में अधिकतम 500 सीएफटी बालू तथा 250 सीएफटी पत्थर खरीद सकता है। वही इससे ज्यादा की जरूरत होने पर संबंधित व्यक्ति अगले माह में आपूर्ति ले सकता है। इसका ध्यान दुकानदारों को भी रखना होगा कि जिसे उन्होंने एक बार आपूर्ति कर दी है उन्हें माह में दोबारा आपूर्ति नहीं करेंगे।
•फर्म व बड़ी परियोजनाओं को होगी छूट :अगर कोई व्यक्ति फर्म या निजी क्षेत्र की बड़ी परियोजनाएं जैसे शॉपिंग कॉम्पलेक्स, मल्टी स्टोरी बिल्डींग, अपार्टमेंट या अन्य व्यवसायिक भवन निर्माण कराता है तो उसे इस परियोजना के विरूद्ध अधिकतम 5000 सीएफटी बालू तथा 2500 सीएफटी पत्थर एक बार में आपूर्ति की जा सकती है। इसके लिए उन्हें पैन नंबर देना अनिवार्य होगा।
वही उन्हें दोबारा आपूर्ति करने से पूर्व परियोजना स्थल की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाएगा की पूर्व की आपूर्ति की गई सामग्री इस्तेमाल हुई है या नहीं। अगर इन परियोजनाओं के निर्माण कराने वाले फार्म की आड़ में बालू-पत्थर का भंडारण या कालाबाजारी करते हुए पाए जाते हैं तो उन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
•निगम से होगी सरकारी परियोजनाओं को आपूर्ति : सरकारी क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए बालू-पत्थर की आपूर्ति संबंधित सरकारी अभियंता सीधे बीएसएमसी (निगम) को करेंगे। निगम उसे अनुज्ञप्तिधारी व्यवसायी को प्रेषित करेगी जो परियोजना के संवेदक से संपर्क कर बालू-पत्थर की आपूर्ति करेंगे। व्यवसायी सरकारी परियोजना के लिए किसी भी संवेदक को सीधे आपूर्ति नहीं करेंगे। सरकारी परियोजनाओं पर काम करने वाले संवेदक बीएसएमसी के माध्यम से ही बालू-पत्थर प्राप्त कर सकेंगे।




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