फ्लोअप : मलमलिया तिहरा हत्याकांड : शराब के आरोप में गिरफ्तार कराने के प्रतिशोध में हुई कौड़िया के तीन लोगों की हत्या

परवेज अख्तर/सीवान। भगवानपुर हाट थाना क्षेत्र के मलमलिया चौक पर चार जून को हुए तिहरे हत्याकांड के मामले में रविवार को थाने में प्राथमिकी की गई। मामले में मृत कौड़िया वैश्य टोली के मुन्ना सिंह के भाई प्रमोद सिंह के आवेदन पर रविवार को हत्या का मामला दर्ज किया गया है। इसमें कौड़िया टोले फतेह राय के शत्रुघ्न सिंह उर्फ काका, केदार सिंह, रामकिशोर सिंह, सूरज कुमार, किशन कुमार, कंचन कुमार उर्फ किशु, दीपक कुमार, अमित कुमार सिंह, रूपेश कुमार सिंह, मलमलिया के पवन कुमार, सुघरी के कल्याण कुमार, सरसैया के प्रतीक कुमार उर्फ छोटू, सारण जिले के जलालपुर थाने के बेलकुंडा के अभिमन्यु सिंह, ड्राइवर विजेंद्र यादव, सोनू सिंह, अकबर अली अंसारी, उसका बेटा मेराज हुसैन, मलमलिया के राजू प्रसाद, अजय प्रसाद सहित बीस लोगों को आरोपित किया है। पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित अभिमन्यु सिंह, रूपेश कुमार सिंह, दीपक कुमार, अकबर अली अंसारी, मेराज हुसैन, अजय प्रसाद व राजू प्रसाद को पुलिस ने पूछताछ कर सोमवार को जेल भेज दिया। एसडीपीओ राकेश कुमार रंजन ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों ने इस हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार किया है । प्राथमिकी के अनुसार हत्या का कारण शराब तस्करी के आरोप में एक की गिरफ्तारी होना बताया गया है। इसके प्रतिशोध में शत्रुघ्न सिंह और उसके लोगों ने तीन लोगों की निर्मम हत्या की । जानकारी के अनुसार घटना के कुछ दिन पूर्व मुन्ना सिंह एवं रोहित कुमार द्वारा वर्तमान एसडीपीओ महाराजगंज को यह सूचना दी गई थी कि अमितेश कुमार सिंह अवैध शराब बेचने का काम करता है इसमें उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी। वहीं दर्ज प्राथमिकी के अनुसार मलमलिया स्थित सिंह ब्रदर्स पेट्रोल पंप का डीलर देवनारायण सिंह भी आरोपित है। अपने आवेदन में पीड़ित ने बताया कि मुझे मोबाइल पर चार जुलाई की संध्या करीब चार बजे सूचना मिली कि मलमलिया में स्थित सिंह ब्रदर्स पेट्रोल पंप जिसके मालिक सह दारौंदा थाना क्षेत्र उजांय निवासी देवनारायण सिंह पेट्रोल पंप पर आपराधिक षड्यंत्र के तहत कुछ बदमाश हथियार से लैस होकर कौड़ियां वैश्य टोली के लोगों की हत्या करने के लिए एकत्रित होकर योजन बना रहे हैं। सूचना मिलते ही मैं बाइक से मलमलिया पहुंचा मैंने अपने छोटा भाई मुन्ना सिंह, कन्हैया सिंह, रोहित कुमार, विक्की कुमार, रौशन कुमार को घर जाने के लिए कहा तबतक शत्रुघ्न सिंह अपने एक हाथ में पिस्टल और दूसरे हाथ फरसा, केदार सिंह, राम किशोर सिंह, सूरज कुमार, किशन कुमार, सभी आरोपित हाथ में पिस्टल व हथियार लेकर सभी की पिटाई करने लगे। इससे मुन्ना सिंह की घटना स्थल पर मौत हो गई। यह देखकर कन्हैंया सिंह, रोहित कुमार, विक्की कुमार व रौशन कुमार अपने गांव की और ओबर ब्रिज के रास्ते भागने लगे। उन लोगों को भागता देखकर सभी बदमाशों ने अपने हाथ में लिए हथियार के साथ उनलोगों का पीछा करते हुए ओबर ब्रिज पर रोक कर उनलोगों के साथ मारपीट की और उनकी हत्या कर दी। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई और दो घायल हैं।