
दैनिक खोज खबर/मढ़ौरा। बिहार के मढ़ौरा स्थित डीजल रेल इंजन कारखाने से 51वें निर्यात होने वाले अत्याधुनिक लोकोमोटिव रेल इंजन को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर गिनी गणराज्य के लिए रवाना किया। इस मौके पर रेलमंत्री ने कहा कि मढ़ौरा प्लांट से पहला इंजन 20 जून 2025 को निर्यात किया गया था, और मात्र एक वर्ष के भीतर निर्यात किए गए इंजनों की संख्या बढ़कर अब 51 हो गई है। भारतीय रेल को 825 आधुनिक रेल इंजन सौंपने के बाद अब यह कारखाना वैश्विक स्तर पर अपनी तकनीक का लोहा मनवा रहा है। इस कारखाने के संचालन से बिहार सरकार को 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी राजस्व भी प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल मंत्री ने बताया कि वर्तमान में बिहार के भीतर कुल 1.15 लाख करोड़ रुपये के रेल प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। वर्ष 2014 से पहले बिहार का सालाना रेल बजट लगभग 1,000 करोड़ रुपये हुआ करता था, जिसे केंद्र सरकार ने बढ़ाकर अब 10,369 करोड़ रुपये कर दिया है। पिछले 12 वर्षों में बिहार में 2,034 किलोमीटर नई रेल पटरियां बिछाई गई हैं। इसके साथ ही, राज्य के 98 रेलवे स्टेशनों का विश्वस्तरीय कायाकल्प किया जा रहा है। सरकार ने विक्रमशिला-कटारिया गंगा नदी पुल और नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी-दरभंगा लाइन जैसी दशकों से लंबित परियोजनाओं को भी गति दी है। मढ़ौरा के कार्यक्रम के पूर्व छपरा जंक्शन से सीधी दिल्ली के लिए रेल सेवा छपरा- नई दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के उपरांत रेल मंत्री, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ मढ़ौरा रेल कारखाना पहुंचे थे। यहां रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव, मुख्यमंत्री सम्राट एवं स्थानीय सांसद द्वय राजीव प्रताप रूडी और जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने संयुक्त रूप से पर निर्यातक इंजन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पूर्व से तय कार्यक्रम के अनुसार हेलीकॉप्टर से मुंगेर के लिए रवाना हो गए, जबकि रेल मंत्री रेल मार्ग से प्रस्थान किए। बता दें कि कि मढ़ौरा का लोकोमोटिव डीजल इंजन कारखाना भारत सरकार और अमेरिकी कंपनी वेबटेक का एक संयुक्त उद्यम है। मढ़ौरा से रवाना किए गए 4500 हॉर्सपावर क्षमता वाले ये शक्तिशाली इंजन पहले गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचेंगे, जहां से समुद्री मार्ग के जरिए इन्हें अफ्रीकी देश ‘गिनी’ भेजा जाएगा। इन इंजनों का उपयोग गिनी की महत्वाकांक्षी ‘सिमांडू परियोजना’ में किया जाएगा, जो दुनिया की सबसे बड़ी लौह अयस्क परियोजनाओं में से एक है। रवाना रेल इंजन के चार सदस्यीय चालक दल में लोको पायलट निर्भय कुमार, सहायक लोको पायलट विकाश कुमार शर्मा, वेबटेक लोको पायलट सुनैना कुमारी, और वेबटेक मैनेजर शिव प्रताप सिंह शामिल हैं। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी, सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राकेश सिंह और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।





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