दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-
मझौलिया गोलीकांड का हुआ पर्दाफाश 5 अपराधी धराए।
गोली कांड में इस्तेमाल की जाने वाली अपाचे बाइक समेत पिस्टल एवं कारतूस भी बरामद।
मोतिहारी जेल में बनी थी गोलीकांड की योजना।
विश्वजीत चला रहा था बाइक सोहन ने चलाई थी गोली।
मझौलिया। विगत 26 अक्टूबर को मझौलिया थाना के ठीक सामने सीमेंट व्यवसाई रविंद्र कुशवाहा की दुकान पर हुए गोलीकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. बताते चलें कि इस कांड से पर्दा उठाने में पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण की पुलिस ने संयुक्त रूप से स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया था जिसमें मझौलिया थानाध्यक्ष केएम गुप्ता दरोगा राजीव कुमार रजक एवं विपिन कुमार शामिल थे. मझौलिया थाना अध्यक्ष केएम गुप्ता ने बताया की इस कांड में 5 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है जो मणीभूषण उर्फ मानव चौबे ग्राम महामदा चौबे टोला थाना मेहसी, अभिषेक कुमार एवं संजीत चौधरी छोटा बरियारपुर दोनों जिला मोतिहारी, सोहन कुमार पटेल एवं सुशांत कुमार सिंह थाना कटैया जिला मुजफ्फरपुर के निवासी है. इन पांचों की गिरफ्तारी मनी भूषण उर्फ मानव चौबे के घर मेहसी थाना के महामदा चौबे टोला गांव से गुप्त सूचना के आधार पर हुई. बताया जाता है कि उस समय सभी अपराधी नयागांव पंचायत के मुखिया शिव नारायण सिंह, चकिया के पूर्व चेयरमैन ओम प्रकाश गुप्ता एवं एक अन्य व्यवसायी के हत्या की योजना बना रहे थे. गिरफ्तारी के दौरान मझौलिया गोलीकांड में इस्तेमाल होने वाली अपाचे बाइक दो पिस्टल एवं 9mm का 25 जिंदा कारतूस बरामद हुआ. पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद अपराधियों ने गोली कांड में अपनी संलिप्तता को स्वीकार किया है. गिरफ्तार संजीत चौधरी ने अपने बयान में बताया कि गोली कांड में सोहन पटेल और विश्वजीत पटेल ने मझौलिया स्थित सीमेंट व्यवसाई के दुकान पर गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया. घटना के वक्त विश्वजीत बाइक चला रहा था और सोहन पटेल ने फायरिंग किया था जिससे सीमेंट व्यवसाई के मजदूर बिगु माझी को गोली लगी थी. इस गोलीकांड का प्लान मोतिहारी जेल में बंद बबलू दूबे गैंग के सरगना गोलू दुबे ने बनाया था और उसी के कहने इस घटना को अंजाम दिया गया था. इस गिरोह का कनेक्शन मुकेश पाठक गैंग से भी है इसकी पुष्टि गिरफ्तार अपराधियों ने की है अपराधियों ने स्वीकार किया है कि पूरे उत्तर बिहार में इनका नेटवर्क फैला हुआ है एवं अपने वर्चस्व को कायम करने के लिए अपराधियों द्वारा इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है ताकि फिरौती की रकम उन्हें आसानी से मिल सके. फिलहाल स्थानीय मझौलिया थाना क्षेत्र के उन लोगों का नाम बताने से पुलिस अभी कतरा रही है जिन की मिलीभगत से इस घटना को अंजाम दिया गया था. गिरफ्तारी के बाद ही उन लोगों के नाम का खुलासा हो पाएगा.