*भारत की संस्कृति एकता की विविधता की बात करती है- डाॅ. मोहन भागवत*
*✍परमार डाॅट काॅम*
( साभार : विश्व संवाद केंद्र )

🌐संघ का स्वयंसेवक स्वंय की प्रेरणा से काम करता है। संगठन किसी के भय, प्रतिक्रिया व प्रतिरोध में काम नहीं करता। भारत की संस्कृति विविधता में एकता की बात नहीं बल्कि एकता की विविधता की बात करती है। उक्त विचार राजेन्द्र नगर स्थित शाखा मैदान में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परमपूज्य सरसंघचालक डाॅ. मोहन भागवत ने व्यक्त किये।