बेहतर व खुशहाल समाज के निर्माण के लिए समाज में भेदभावपूर्ण ब्यवस्था समाप्त होनी चाहिए-उपेंद्र

मांझी(सारण)। शहीद जगदेव बाबु समाजिक क्रांति के अग्रदूत थे। लोगों में जागृति आएगी तभी बेहतर व खुशहाल समाज का निर्माण होगा। सदियों से चली आ रही भेद-भाव पूर्ण व्यवस्था जब समाप्त होगी, दलितों शोषितों व वंचितों को भी आगे बढ़ने और समाज में पूर्ण सम्मान के साथ जीने का हक मिलेगा, कोई अपने को हिन नही समझेगा, समाज में जन्म के आधार पर नही बल्कि कर्म के आधार पर व्यक्ति को अपनी पहचान मिलेगी। जब सबके घर खुशहाली और चेहरे पर मुस्कान होगी। तब जाकर शहीद जगदेव प्रसाद का सपना साकार होगा। उक्त बातें कोहड़ा बाजार स्थित स्मारक पर माल्यार्पण के बाद शहीद जगदेव बाबु की 98वीं जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा ने कही।

उन्होंने कहा कि इस परिवर्तन के लिए समाजिक सोंच को बदलना होगा। साथ ही सत्ता में बैठे लोगों को भी सोंचना पड़ेगा। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था भी इसके लिए दोषी है। जिसमे बदलाव की जरूरत है। जगदेव बाबु हर व्यक्ति को एक पंक्ति में सम्मान के साथ खड़ा देखना चाहते थे। जब मौका मिलता है लोग भटक जाते हैं और रिमोर्ट गलत हाथों में सौंप देते हैं। अगर बदलाव चाहते हैं तो रिमोर्ट सही हाथों में देना होगा।

समारोह को रालोसपा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मदन चौधरी, पूर्व विधायक बुद्धन यादव सहित कई लोगों ने संबोधित किया। स्मारक समिति के सचिव व पूर्व विधान सभा प्रत्याशी ओम प्रकाश कुशवाहा व अध्यक्ष सत्यदेव प्रसाद ने आगत अतिथिगण का शॉल आदि प्रदान कर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन रालोसपा के जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक कुशवाहा ने किया। मौके पर चन्दाबाबू सिंह, डॉ. गणेश प्रसाद, राहुल सिंह, राजबल कुशवाहा, पारस यादव, का. अरुण कुमार,रमेश प्रसाद, शौकत अली, विनोद कुशवाहा, राजेश सिंह, कन्हैया यादव, मदन कुशवाहा, कादिर हुसैन आदि मौजूद थे।




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