दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-

बिहार राज्य आशा एवं ममता संघ की संयुक्त बैठक बेतिया स्थित बलिराम भवन में संपन्न हुई। उपर्युक्त संयुक्त बैठक में केंद्र सरकार की मजदूर नीति पर गंभीरता पूर्वक विचार विमर्श किया गया। इतना ही नहीं ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 8 जनवरी 2020 को राज्यव्यापी हड़ताल को सफल बनाने का निर्णय लिया गया। केंद्र सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को निजी हाथों में सौंपने का विरोध भी इस बैठक में किया गया। ममता की सेवा को स्थाई करने और कमीशन की जगह मानदेय देने की मांग के साथ आशा कार्यकर्ताओं को आंध्र प्रदेश की तर्ज पर न्यूनतम ₹10000 मानदेय देने की मांग की गई। आशा कार्यकर्ताओं का बकाया भुगतान की मांग के साथ ममता कार्यकर्ताओं को नियमित कमीशन भी देने की मांग भी की गई। ममता कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनके कमीशन की राशि का भुगतान विगत 9 महीने से बाकी है। बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र में जुझारू प्रदर्शन का निर्णय संगठन ने लिया। ममता कार्यकर्ताओं ने 16 अक्टूबर 19 को जिला पदाधिकारी पश्चिम चम्पारण के समक्ष धरना देने का निर्णय लिया। इस दौरान ओमप्रकाश क्रांति ने आशा कार्यकर्ताओं के संघर्ष करने का एलान किया। बैठक में देवेंद्र पांडे, बलू देवी, संध्या देवी, सुनीता देवी, रंभा देवी, कुमुद, गुलाबो देवी, पुष्पा देवी, रिंकी देवी, उषा देवी, साधना कुमारी व अन्य उपस्थित रही।