दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-

बेतिया : केन्द्र की मोदी सरकार के गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश में भयंकर आर्थिक मंदी आ गया है ।आज देश में 1 %लोगों के पास देश की 76 % पूंजी है ।यही कारण है कि देश की 80 % लोग 15 रुपये रोज पर जीने को मजबूर हैं ।प्रधानमंत्री मोदी ने रिजर्ब बैंक से एक लाख छिहत्तर हजार करोड़ रुपये ले लिया है । जो देश की जनता के पैसे हैं ।जिसका इस्तेमाल जनहित में न होकर उसका दुरुपयोग किया जा रहा है ।देश का 2 सौ टन सोना वगैर किसी फैसले के मनमाने ढंग से बेच दिया है । देश में आजादी के बाद सबसे बड़ी बेरोजगारी है । रोजगार के अभाव में सबका विकास रुका हुआ है । प्रधानमंत्री के सलाहकार साधु श्री रविशंकर ने संघ के इशारे पर सरकारी। शिक्षा ब्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर पूंजीपतियों को शिक्षा का ब्यवसाय के लिये सौंप देने को कहा है ।
इसके विरोध में वामदलों द्वारा देश भर में प्रतिकार किया जा रहा है ।
सीपीआईएम (माकपा)की पश्चिम चम्पारण जिला कमिटी ने बेतिया में सभा कर आर्थिक संकट पर आलोचना किया ।सभा में माकपा के ब्योबृद्ध नेता का.मंगल सिंह (रोहतास)के निधन पर शोक ब्यक्त किया गया ।उसके बाद मार्च निकाल कर विभिन्न नारे लिखे तख्तियों को लेकर सोवा बाबू चौक पर प्रधानमंत्री का पुतला जलाया गया । सभा को प्रभुनाथ गुप्ता , वी के नरुला, शंकर कुमार राव ,म.हनीफ ,प्रकाश वर्मा ,नीरज वर्णवाल , सुशील श्रीवास्तव ,संजीव कुमार , अजय सुहाग ,अवध विहारी प्रसाद ,हेमन्त साह, बाबुल आदि ने सम्बोधित किया ।