बेतिया – रक्सौल की सड़कों की जर्जर स्थिति से आक्रोशित रक्सौल की आम जनता ने काला झंडा दिखाकर अपना विरोध जताया

न्यूज इनपुट विजय कुमार शर्मा प,च,बिहार:–
◆ पश्चिम चम्पारण के रक्सौल की सड़कों की जर्जर स्थिति से आक्रोशित रक्सौल की आम जनता ने आज स्थानीय सांसद संजय जायसवाल के रक्सौल पहुंचने पर उन्हें काला झंडा दिखाकर अपना विरोध जताया।यह सर्वविदित है कि स्टेशन रोड़, आदापुर से भेलाही वाली सड़क या नवनिर्मित ICP या NH28 रोड़ हो, सभी अत्यंत जर्जर हालत में है। अधिकांश सड़कें विगत दशकों से अत्यंत दयनीय स्थिति में है। मरीज बीच सड़क में ही दम तोड़ते रहे हैं, गर्भवती महिलाओं की असमय डिलेवरी इन सड़को पर आए दिन सफर के दौरान सुनने को मिलती है। पर यहां के जनप्रतिनिधियों को इससे कोई सरोकार नही है। सांसद महोदय सिर्फ जुमलेबाजी और कोरे वादों के सिवा कुछ ना कर सकें, इनकी विफलता यह है कि अधिकारी इनकी सुनते भी नही। अब जब चुनाव सर पर आया है तो फिर क्षेत्र की जनता को बहलाने निकले हैं, पर भुक्तभोगी जनता फिर दुबारा इनके मकड़जाल में फसने वाली नही है। रक्सौल में आने पर आम जनता और कार्यकर्ताओं से मिलने की बजाय ये चंद दलालों, चाटूकारों और ठीकेदारों से घिरे रहते हैं। रक्सौल में आये दिन जाम और अनियंत्रित ट्रकों के अवैध रूप से परिचालन से अबतक दर्जनों लोगों की कुचलकर मौत हो गयी, पर यह चुप रहे, उल्टे इस घटना के विरोध करने वालों पर प्रशासनिक दवाब और केश करने का कुत्सित प्रयास किया गया। सांसद के इसी कर्तव्यविहीनता को याद दिलाने के लिए आज आम जनता ने उनके रकसौल आगमन पर शहर में काले झंडे दिखाया हाथों में :-
●(1) गड्ढे में सड़क है या सड़क में गड्ढा??
सांसद महोदय बतावें?
●(2)रक्सौल की जनता है बदहाल।
नहीं चाहिए ऐसे जनप्रतिनिधि।
●(3)क्या हुआ तेरा वादा
वो कसम वो इरादा ??
रक्सौल की त्रस्त जनता
(4)आपके पास पैसा है, ताकत है, केंद्र व राज्य में सरकार है।
हमारे पास क्या है-तलाबनुमा सड़क, प्रदूषित सरिसव नदी, खूनी सड़क(NH-10),…
:-रक्सौल की त्रस्त जनता।
(5) रक्सौल को दलाली, भ्रष्टाचार, प्रदूषण, जाम, खस्ताहाल सड़कों से कब मुक्त कराएंगे?
बताइये सांसद महोदय “रक्सौल” के अच्छे दिन कब आएंगे??
(6) चारों तरफ कूड़ा-करकट, गंदगी और प्रदूषण का अंबार है।
हाँ भैया, रक्सौल में “स्वच्छता अभियान” की बहार है।
जैसे नारे लिखे तख्तियां लिए आम जनता ने सांसद से तीखे सवाल किए निपर उनकी साँसे फूल गयी और तुरंत अपने चाटूकारों के साथ संवाद के बजाय भाग खड़े हुए।