बेतिया – नरकटियागंज प्रखंड के आरटीपीएस काउंटर के सामने कड़ाके की ठंड मे भी काफी भीड़,

न्यूज इनपुट वरिय संवाददाता अर्जुन भारतीय की रिपोर्ट:-  नरकटियागंज प्रखंड  के आरटीपीएस काउंटर के सामने निवास प्रमाण-पत्र के लिए उमडी भीड़। लोग रात भर इस कड़ाके की ठंड में भी प्रखंड परिसर मे बैठे रहते है।जिसमें कई 10-10दिन से दौड़ रहे हैं,थक हार कर अपनी बारी अगले रोज आ ही जाए इसके लिए रात में  यही रूक गए,लाल कार्ड के बाद अब पीला कार्ड को मोदी सरकार ने खत्म करने का फैसला किया है,पीला कार्ड समाज के अति दरिद्र लोगों का राशन कार्ड था, जिसके द्वारा प्रति परिवार 35 किलो प्रति माह राशन मिलता था। जो गरीबों का अंतिम आसरा था,उस पर भी मोदी सरकार ने हमला बोल दिये,पहले तो नोटबन्दी और जीएसटी के अब समाज के निर्धनतम परिवारों को चोर बताया जा रहा है।
वे राशन कार्ड पाने योग्य हैं इसके लिए गरीबों को निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, खाता नम्बर और इस तरह के कई सबूत देने है,और शपथ पत्र देना है,निवास प्रमाण प्राप्त करने  के लिए ही यह भीड़ है,जबकि इस कार्य के लिए काउंटर एक ही है,एक दिन में 11बजे से शाम तीन बजे तक 50 लोगों का ही प्रमाण पत्र बन पा रहा है उसमे कुछ साइड डोर से 200-300 खर्च करने पर अतिरिक्त लोगों का बन रहा है, कुछ महिलाओं ने बताया कि 10 दिन से दौड़ रहे है जिसमे हजारों रूपया भाड़ा आदि मिला कर खर्च हो चुका है, जो कर्ज लिया था,पति बाहर मजदूरी करने गए हैं।आप सब फोटो मे देख सकते है  ईट की लाइन वाली हैं  जिसमें सबने अपने नम्बर का दावा किया है क्योंकि कि लगातार ठंड में लाइन में  रहना मुश्किल है,उसमें कुछ रात्रि में ही नम्बर में लगायी गयी है ताकि ठंड में एक साथ शेड में बैठ कर रात गुजारा जा सके।कल दिनांक 27/12/2017 को गौनाहा प्रखंड कार्यालय पर सुबह 8:30 बजे पकड़ी बिशौली गांव की दुलारी देवी पति धुरी साह के तीन माह की बच्ची की मौत लाइन में लगने के समय हो गयी,जिसके विरोध में आज भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने भोजन के अधिकार पर हमला करने वाली मोदी और नीतीश सरकार का पुतला दहन गौनाहा, नरकटियागंज, मैनाटाड़ आदि जगहो पर  किया। 
गौनाहा मे मृतक बच्ची के मां बाप को 10 लाख रूपया मुआवजा देने,उसका एफआईआर दर्ज करने ,काउंटर बढाने ,आदि की मांग करते हुए किसी भी गरीब को राशन कार्ड से नहीँ वंचित करने की मांग की।नोट बन्दी  के बाद पीला कार्ड  राशन बन्दी की लाइन में गरीब तबाह है । लाइन में  मौते उस दौर में भी हुयी और अब भी लाइन में हो रही है।मोदी ने नोट बन्दी के समय कहा था देश में लगने वाली यह अंतिम लाइन है,इस पीड़ादायक स्थिति पर आप भी अपनी भावना व्यक्त करें।