दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-चुहड़ी पल्ली में मसीही विश्वासियों ने खजूर रविवार के दिन प्रभु के दुखभोग, मरण और पुनरुत्थान को स्मरण किया़ । इससे पूर्व यीशु के येरुशलेम में प्रवेश की घटना को स्मरण करते हुए उनके स्वागत में खजूर की डालियों पर फादर बर्टी पॉल ने खजूर की डालियों की आशीष की। उसके बाद चुहड़ी गांव के माँ मरियम की ग्रोटो से ईसाई श्रद्धालुओं ने एक छोटा जुलूस निकालकर पूरे मुहहले का भ्रमण करते हुए गिरजाघर में प्रवेश किए।मिस्सा पूजा को संयुक्त रूप से फादर तोवियास, फादर बर्टी पॉल और फादर पाकिया राज ने चढ़ाया। फादर पाकिया ने उपदेश देते कहा कि खुजुर इतवार की पूजन विधियां हमें आमंत्रित करती हैं कि हम अपनी मुक्ति की इन घटनाओं को दृढ़ विश्वास व अगाध प्रेम के साथ जीये़ं । खजूर रविवार के यूखरिस्तीय समारोह में हमें प्रभु का दुखभोग सुनाया जाता है और इससे पूर्व हम प्रभु के येरुशलेम प्रवेश का समारोह मनाते है़ं। येरूशलेम के लोग यीशु के लिए खजूर व जैतून की डालियां बिखेर रहे थे, धनी कपड़े बिछा रहे थे। आनंद और विषाद एक साथ था, खजूर रविवार को प्रभु यीशु राजा घोषित किये जा रहे थे और विजेता के रूप में उनका स्वागत किया जा रहा था। लेकिन बाद में उन्हें गिरफ्तार किया जाता है़, उन्हें मृत्यु की सजा दी जाती है अौर क्रूस पर चढ़ाया जाता है़। हम इन बातों को याद करते हुए पुण्य सप्ताह में प्रवेश करते है। पूरे पुण्य सप्ताह में त्याग तपस्या की भावना को अपने मे लाये और नि:स्वार्थ भाव से दुसरो की सहायता करें।खुजुर रविवार की मिस्सा पूजा के आयोजन के लिए सिस्टर ललिता और गिरजादार प्रकाश कुमार ने गिरजाघर को खूबसूरत ढंग से सजाया। वही संगीत मंडली ने विशेष भजन और प्रार्थना गीत गाये। सिस्टर अजिता, सिस्टर नीलिमा, सिस्टर सुधा, सिस्टर आलोको, मेरी चार्ल्स, जसिंता नाताल, मनीषा, माला सेराफिन, रंजन दरोगा, सेंसिल ग्रेगरी, सम्मी अब्राहम, अमर सिंह, प्रताप सिंह सहित सैकड़ों भक्तगण उपस्थित हुए।