बीजेपी का आंतरिक सर्वे : 282 में 152 सांसदों का रिपोर्ट कार्ड निगेटिव
नए चेहरों पर 2019 के महासमर में दाव लगा सकती है भाजपा
दैनिक खोज खबर, डेस्क
भारतीय जनता पार्टी के आंतरिक सर्वे में चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बीजेपी ने अपने सभी जीते सांसदों के फीडबैक के लिए आंतरिक सर्वे कराया था। इस सर्वे में आम जनता मोदी सरकार के जीते 282 सांसदों में 152 के कामो से खुश नही है।
भारतीय जनता पार्टी का आलाकमान भी इस सर्वे से चिंतित है। बहरहाल इसे लेकर ठोस रणनीति बनाई जाने लगी है।

निगेटिव फीडबैक के मामले में सबसे बुरा हाल भारतीय जनता पार्टी का उत्तर प्रदेश में है। यहां जीते कुल 71 सांसदों में 48 के कामकाज से लोग खुश नही है जबकि राजस्थान में 25 में से कुल 13 सांसदों का रिपोर्ट कार्ड नेगेटिव है।
मध्य प्रदेश में 26 में से 16 सांसदों का काम संतोषप्रद नही है जबकि महाराष्ट्र में 23 में से 17 सांसद लोगो की उम्मीदों पर खरे नही उतर सके हैं।
बिहार में 22 में से 12 सांसदों की स्थिति ठीक नही है, जबकि झारखण्ड में 12 में से 5 सांसद निगेटिव मार्किंग में हैं।
सबसे बुरी स्थिति तो हरियाणा की है जहां 7 में 7 सांसद आमजनों का दिल नही जीत सके है व इनका भी फीडबैक नेगेटिव ही है।

मोदी मैजिक को रोकने के लिए विपक्ष एकजुट हुआ जा रहा है ऐसे में यह सर्वे भाजपा आलाकमान की समस्या बढ़ाने वाला है। कहा जा रहा है कि इन सभी 152 सांसदों को जोरदार ढंग से काम करने का निर्देश पार्टी ने दिया है। वही वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इन जगहों पर भाजपा नए चेहरों पर भी बाजी 2019 में लगा सकती है।
इस बात की भी पुरी संभावना है कि 2019 के महासमर में भाजपा 75 साल की उम्र तक पहुच चुके कई उम्मीदवारों के टिकट काट भी सकती है ऐसे में आलाकमान के भी कई दिग्गज इस रेस से बाहर हो जाएंगे।
बहरहाल आगे देखिए क्या होता है मगर फिलहाल भारतीय जनता पार्टी के इस आंतरिक सर्वे ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।




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