
विवाद समाप्त, सारण और वैशाली दोनो को मिला तोहफा
गंडक नदी के दोनो किनारों पर बनेंगे राष्ट्रीय उच्च पथ
• सात वर्षों से लंबित वैशाली पथ के संरेखण को स्वीकृत कराने में सांसद रुडी की अहम भूमिका
• 12 जून को दिल्ली में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग के सचिव गिरिधर अरमाने के साथ सांसद रूडी की बैठक
• वैशाली से बनने वाले उच्च पथ के संरेखण संशोधन प्रस्ताव स्वीकृत, हाजिपुर से नहीं अब सारण के सोनपुर से वैशाली को मिलेगा सीधा मार्ग
• वैशाली पथ का नया संरेखण छपरा की तरफ से दरिहारा -परसौना बांध के किनारे होते हुए जोड़ेगा वैशाली को
• दरिहारा बनकेरवां के बीच गंडक नदी पर बनेगा नया फोर लेन पुल
• दुसरा उच्च पथ बाकरपुर-शीतलपुर बाईपास होते हुए मकेर- अमनौर-तरैयां होते हुए अरेराज तक
• गंडक के पश्चिमी किनारे वाले प्रस्तावित उच्च पथ का डीपीआर निर्माण प्रगति पर, केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा योजना भारतमाला परियोजना के फेस 1 का ही हिस्सा
• जेपी सेतु के समानांतर बनेगा दो हजार करोड़ रूपये की लागत से फोर लेन पुल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की थी पहल, जुड़ेगा नये उच्च पथों से, उत्तर बिहार से दक्षिण बिहार की संपर्कता होगी और सुगम,
• सांसद रुडी ने कहा कि विकास के मामले में सारण का जितना महत्व उतना ही वैशाली का, राज्य के विकास के लिए दोनो का समान महत्व
• कुछ मीडिया समुहो द्वारा प्रकाशित समाचारों में अनावश्यक उठाया गया था विवाद, निर्णय पहले ही हो चुका था। राज्य के पथ निर्माण मंत्री नितिन नबीन की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ बैठक में दोनो पथों के निर्माण की बनी सहमती
• तीन से चार माह में केंद्रीय मंत्री पथों का करेंगे शिलान्यास, निर्माण कार्य तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य
• व्यापार के साथ-साथ शैक्षणिक और पर्यटन के क्षेत्र में सारण को होगा लाभ, समीपवर्ती जिला भी विकास के कई मुकाम करेंगे हासिल।
• सांसद रुडी ने कहा – दिल्ली और पटना के दोनो नितिन का धन्यवाद
सारण, 23 जून 2021 । सारण सांसद सह भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव प्रताप रुडी की कार्यकुशलता का लाभ सारण की जनता को हमेशा मिलता रहा है। उनका एक और बड़ा प्रयास अब फलीभूत हुआ है जिससे सारण विकास के कई मुकाम हासिल करेगा। गंडक नदी के पूर्व और पश्चिम राष्ट्रीय उच्च पथ का निर्माण कर राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाने वाले सड़क का निर्माण किया जाना था। पूर्वी किनारे में पहले से सड़क की व्यवस्था है भी जिसे राष्ट्रीय उच्च पथ के रूप में उन्नत करने का विचार राज्य सरकार की तरफ से केंद्र सरकार को भेजा गया था। इसी तरह सारण सांसद सह भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव प्रताप रुडी ने गंडक नदी के पश्चिम के पीछड़े इलाके में विकास की भरपूर संभावना को देखा। इसके मद्देनजर उन्होंने गंडक नदी के किनारे-किनारे पश्चिम में एक एनएच बनाने का प्रस्ताव केंद्र को दिया था। इसकी सहमती बनी और गंडक के पश्चिम में 1864 करोड़ रूपये की लागत से 116 किलोमीटर की लंबाई वाली सड़क का डीपीआर बनाने का निर्देश भी भारत सरकार द्वारा दे दिया गया। अब गंडक के पूर्वी किनारे में भी 2050 करोड़ रूपये की लागत से 115 किलोमीटर के राष्ट्रीय उच्च पथ के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हो गयी है। इन दोनो पथों के निर्माण की मंजूरी देने के लिए सांसद रुडी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को धन्यवाद देते हुए कहा कि वर्ष 2011 से लंबित एक पुरानी सड़क और पश्चिमी किनारें पर एक नई सड़क, दोनो पथों के निर्माण से राज्य में विकास का एक नया आयाम स्थापित होगा और राज्य की प्रगति में ये एक मिल का पत्थर साबित होंगी।
गंडक नदी के पूरब और पश्चिम दोनो सड़कें राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगी। गंडक के पश्चिम में सोनपुर, तरैयां पानापुर और पूरब में सोनपुर-वैशाली सेे दोनो सड़कें अरेराज होते हुए नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा तक जा रही है। यही नहीं गंडक नदी के पूरब किनारे वाली सड़क जहां बुद्धा सर्किट का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी वहीं गंडक नदी के पश्चिम किनारे वाली सड़क श्रीराम जानकी पथ का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगी। इन दोनो पथों का साथ-साथ प्रस्ताव और डीपीआर तैयार हो रहा था जिसपर सांसद रुडी ने कहा कि हाल के दिनों में कुछ मीडिया समुहों ने इस तरह की भ्रामक खबरें लगाई थी कि राज्य सरकार के दिये गये प्रस्ताव के संरेखण को मेरे द्वारा मोड़ा जा रहा है। परन्तु ऐसी कोई बात नहीं है, इन दोनो प्रस्तावों पर पहले ही निर्णय लिया जा चुका था।
इन दोनों सड़कों के निर्माण के बीच गंगा नदी पर जेपी सेतु के समानांतर एक नया फोरलेन पुल का भी निर्माण किया जायेगा जो इन दोनो सड़कों को राज्य की राजधानी पटना से जोड़ेगा। इससे राजधानी पटना से अरेराज जाने वाले यात्रियों को अब विकल्प के रूप में दो पथ मिलेंगे। इन पथो के निर्माण से सारणवासियों को सबसे अधिक फायदा होगा। न केवल व्यापार के क्षेत्र में बल्कि शैक्षणिक और पर्यटन के क्षेत्र में सारण को लाभ होगा और सारण ही नहीं समीपवर्ती जिला के लोग भी विकास के कई मुकाम हासिल करेंगे। अब ये दोनो प्रस्ताव स्वीकृत हो गये है।




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