
- जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने पोषण अभियान अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया
मुजफ्फरपुर, 2 अप्रैल। पोषण पखवाड़ा सह पोषण पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन शनिवार को किया गया। जिलाधिकारी प्रणव कुमार की अध्यक्षता में जिला परिषद सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पोषण अभियान अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन श्रीमती चांदनी सिंह, जिला प्रोग्राम पदाधिकरी,आईसीडीएस मुजफ्फरपुर द्वारा कराया गया।
पोषण पखवाड़ा अन्तर्गत वृद्धि निगरानी के माध्यम से स्वस्थ बच्चे की पहचान, पारंपरिक भोजन, जल संरक्षण में महिलाओं की भूमिका, एनिमीया की जांच, गर्भवती एवं बच्चों में आहार विविधाधता विषय पर स्टॉल (शिविर) लगाया गया ।
स्वस्थ्य बच्चे की पहचान एवम पारंपरिक भोजन स्पर्धा में प्रथम, द्वितीय एवम तृतीय स्थान पाने वाले को प्रशस्ति पत्र जिलाधिकारी ने प्रदान किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने कहा कि कुपोषण एक गंभीर समस्या है। हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। कुपोषण को दूर करने के लिए लोगों में जागरूकता लाने की जरूरत है। गर्भावस्था में माँ को विशेष रूप से देख-भाल की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता का अभाव है। महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान किन-किन चीजों का सेवन करना आवश्यक है, इसकी जानकारी उन्हें उपलब्ध करायी जाएगी। पौष्टिक आहार का सेवन अवश्य करें तथा लोगों को पौष्टिक आहार के बारे में बताएं। इस अवसर पर लगे विभिन्न स्टॉल को जिलाधिकारी ने देखा। जिलाधिकारी ने सभी परियोजना के विभिन्न समूहों को 50,000 रुपए का चेक भी दिया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
पोषण पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा भारत सरकार के राष्ट्रीय पोषण मिशन योजना के संबंध में बताया कि इस योजना के माध्यम से सरकार के द्वारा पोषण से संबंधित संचालित विभिन्न गतिविधियों कार्यक्रमों का अनुश्रवण एवं समीक्षा किया जा रहा है विभिन्न विभागों के समन्वय से निर्धारित समय सीमा के अंदर बच्चों में अल्प वजन, नाटापन, दुबलापन तथा एनिमीया के दर में कमी लाया जाना है। बच्चों के कुपोषण दर में प्रतिवर्ष 2% एवं किशोरी व महिलाओं के एनीमिया दर में प्रतिवर्ष 3% की कमी लाने में संयुक्त रुप से प्रयास करना है।
जिलाधिकारी द्वारा कटरा परियोजना से आई 6 माह की बच्ची का अन्नप्राशन कराया गया तथा हर एक परियोजना से एक एक बच्चों का चयन कर भेजा गया जिसे जिलाधिकारी द्वारा इस कार्यक्रम में उन सभी बच्चों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार वितरण किया गया।
समुदाय स्तर पर लोगों को किया जा रहा जागरूक:
आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी चांदनी सिंह ने कहा कि कुपोषण की समस्या जड़ से मिटाने के लिए आवश्यक पहल की जा रही है। वहीं, सामुदायिक स्तर पर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है । ताकि लोगों को उचित पोषण की जानकारी मिल सके, जिससे पोषण की महत्ता को समझ सकें। इसको लेकर आईसीडीएस के पदाधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा गाँव से लेकर जिला स्तर पर तमाम कार्यक्रमों का आयोजन कर घर-घर पोषण का संदेश पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पोषण पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य 0 से 06 वर्ष के बच्चों में पोषण के स्थिति की जांच करना, पोषण के लिए लोगों को जागरूक करना, नाटे, दुबले, कम वजन वाले कुपोषित बच्चों की पहचान कर उसे पोषण परामर्श केंद्र भेजना इत्यादि है।
इस अवसर पर सिविल सर्जन, डीपीआरओ कमल सिंह, चांदनी सिंह जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, सुषमा सुमन जिला समन्वयक, मनीष कुमार जिला परियोजना सहायक, राष्ट्रीय पोषण मिशन के श्री राहुल कुमार, जिला कार्यक्रम समन्वयक, श्री रजनीश कुमार, विकास परियोजना पदाधिकारी मुसहरी ग्रामीण मंजू सिंह एवं अन्य लोग उपस्थित थे।




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