पैग़म्बर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की याद में हुआ मातम

इनपुट-एस०हसन जाज़िब आब्दी/लखीमपुर-खीरी(उ.प.) : जनपद लखीमपुर खीरी के मितौली कस्बे में पैग़म्बर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की शहादत की याद में दसवीं मोहर्रम जुलूस बड़े इमामबाड़े से या हुसैन अलविदा की सदाओं के बीच उठा । आपको बताते चलें कि आज से 1400 साल पहले यज़ीद नाम के आतंकवादी ने इमाम हुसैन से बैयत तलब की जब हुसैन ने उसकी बात न मानी और बातिल का साथ न देने और हक़ की राह पर चलने का ऐलान कर दिया तब वह बौखला गया और उन पर व उनके परिवार वालों पर ज़ुल्म ओ सितम करना शुरू कर दिए 7मोहर्रम से बच्चों व उनके घरवालों पर पानी तक बंद कर दिया तब भी जब हुसैन उस मलून के आगे न झुके तब उसने नबी के नवासे को उनके 72 साथियों के साथ क़त्ल कर दिया था जिसकी याद में आज भी शिया, सुन्नी व हिंदू सभी अपने-अपने अंदाज में इमाम हुसैन को ख़िराजे अक़ीदत पेश करते है । जुलूस से पहले मितौली के क़दीमी बड़े इमामबाड़े में अलविदाई मजलिस हुई जिसे ख़तीब ए अहलेबैत आली जनाब मौलाना एस० फ़रमान मेहंदी मशहदी साहब किब्ला ने ख़िताब किया (इमाम ए जमात ओखला दिल्ली) मजलिस के बाद इमामबाड़े से आलम व ताज़ियों के साथ जुलूस बरामद हुआ जो कि पुरानी मस्जिद से होते हुए कर्बला के लिए रवाना हुआ जिसमे सैकड़ो अक़ीदतमंदलोगो ने शिरकत की-जुसुस में हिन्दू-मुस्लिम एकता की झलक देखने को मिली। जुलूस में सहयोगी पुलिस बल मौजूद रहा।
इस मौके पर मो०हैदर, ज़फर मेहंदी, सज्जाद मेहंदी, एड०मो०अब्बास आब्दी, वजीहुल हसन, शबी हैदर आब्दी, शबीहुल हसन, आदिल रिज़वी, एस० हसन जाज़िब आब्दी आदि अकीदतमंद मौजूद रहे।