पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ कार्यालय में हिटलर की तस्वीर लगाने पर छपरा में छात्रों ने प्रकट किया रोष
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छपरा : 2011 से पहले बिहार में छात्र चुनाव नही होते थे। वर्तमान सरकार से छात्रों की लोकतांत्रिक अधिकारों को पुरा करने मांग हुआ। तो सरकार ने विश्वविद्यालय में छात्र चुनाव कराई। उन्होंने इस दिन के लिए चुनाव नही करवाये कि थे, कि छात्र चुनाव जीतने के बाद हिटलर को जगह दे दिया जाये चुनाव इस लिए चुनाव हुआ था कि बिहार का युवा राजनीति कि पाठशाला से पढ़ कर निकलेगा और राज्य और देश को नई दिशा और दशा देगा। छात्र नेता बलवंत सिंह ने कहा कि क्या पटना विश्वविद्यालय में नामांकन ले रहे नए बच्चे को हिटलर की नीति अपनाने की शिक्षा दी जायेगी?क्या पटना विश्वविद्यालय में गांधी जी, दिनकर जी जैसे महापुरुषों के बजाय हिटलर को तवज्जो दिया जाएगा।लाखों-करोड़ों का हत्यारा तानाशाह हिटलर जर्मनी को बर्बाद किया तो पटना विश्वविद्यालय उनकी नीति से कैसे विकसित हो सकती है
छात्र नेता अर्जुन सिंह का स्पष्ट तौर पर मानना है कि हिटलर का फोटो लगाकर पटना विश्वविद्यालय के पवित्र प्रांगण की पवित्रता में काला धब्बा लगाने का कोशिश किया गया जिसके लिए पटना_विश्विद्यालय छात्र संघ को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए एवं पटना विश्वविद्यालय प्रशासन को मामले में संलिप्त लोगों को कड़ी-से-कड़ी सजा देनी चाहिए। ताकि पुनः ऐसी नीच और ओछी मानसिकता पटना विश्वविद्यालय में ना पनप सके ।
छात्र नेता प्रिंस सिंह ने कुलपति से हिटलरशाही पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ को भंग करने का मांग किया और छपरा शहर के म्युनिसिपल चौक पर पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ और कुलपति का पुतला दहन किया गया और दो छात्र नेताओ पर हुए फ़र्ज़ी प्राथमिकी को वापस लेने के लिए 7 दिन का समय पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ को दिया नही तो उसके बाद उग्र आंदोलन होने की चेतावनी दी। इस मौके पर छात्र नेता सुमंत सिंह,रवि मिश्रा,निशांत सिह मोनू, अमित शर्मा,आदी दर्जनों छात्र नेताओं ने अपना रोष व्यक्त किया।इस आशय की जानकारी अर्जुन सिंह,
छात्र नेता जे.पी.यू द्वारा प्रेस नोट जारी कर दी गयी है।