नियोजित शिक्षकों के प्रति सरकार उदासीन
#परवेज़ अख्तर/सीवान:
नियोजित शिक्षकों के प्रति सरकार को अपनी रवैया बदलनी चाहिये। शिक्षक नेता मंगल कुमार साह ने सोमवार को शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर आयोजित बैठक के बाद सरकार की आलोचना की। कहा कि सरकार को शिक्षा व शिक्षक के हित को देखते हुए समान काम का समान वेतन मामले में विचार करना चाहिए। सरकार को सुप्रीम कोर्ट में दर्ज अपनी याचिका अविलंब वापस लेनी चाहिए। सरकार के इस कदम से बिहार के चार लाख नियोजित शिक्षकों की चिंताएं खत्म होगी। शिक्षकों की सेवा शर्त 32 माह में भी नहीं तैयार हो सकी। सातवें वेतनमान का निर्धारण भी अब तक नहीं हो सका। जबकि दस माह पहले ही सातवें वेतनमान के निर्धारण के लिए सरकार ने अधिसूचना जारी की थी।




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