
दैनिक खोज खबर/छपरा, 25 जून।
उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध सामाजिक संस्था ठाकुरबाड़ी महिला विकास कल्याण समिति के स्थानीय शाखा कार्यालय साधनापुरी मोहल्ला स्थित सभागार में गुरुवार को संस्था द्वारा गोद लिए गए 35 टीबी मरीजों को संस्था प्रमुख डॉ अंजू सिंह और सदर अस्पताल परिसर स्थित जिला यक्ष्मा केंद्र में कार्यरत वरीय यक्ष्मा पर्यवेक्षक (एसटीएस) मुकेश कुमार के द्वारा संयुक्त रूप से तीसरे महीने का पोषाहार वितरित किया गया। टीबी उन्मूलन अभियान को सफल बनाने में ‘निक्षय मित्र’ समुदाय और सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता हैं। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत यह मित्र टीबी रोगियों को अतिरिक्त पोषण, दवा अनुपालन, सामाजिक- मनोवैज्ञानिक संबल और व्यावसायिक सहायता प्रदान कर बीमारी से लड़ने में मदद करते हैं। इस अवसर पर ठाकुरबाड़ी महिला विकास कल्याण समिति की संस्थापिका डॉ अंजू सिंह, एसटीएस मुकेश कुमार, धर्मेंद्र रस्तोगी, मणि शाही, प्रीति शाही सहित कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हम सभी के सामूहिक प्रयास से ही प्रधानमंत्री का सपना सपना होगा पूरा: डॉ अंजू सिंह
वहीं संस्था प्रमुख डॉ अंजू सिंह ने बताया कि संस्था के द्वारा सारण जिला मुख्यालय स्थित सदर प्रखंड और शहरी क्षेत्रों के अलावा एकमा प्रखंड के टीबी मरीजों को गोद लिए गए टीबी मरीजों को लगातार छह माह तक पोषाहार देकर उनका नियमित रूप से फॉलोअप तथा जागरूक करने के लिए सतत प्रयत्नशील है। हालांकि इसके लिए विभिन्न स्कूलों के अलावा झुग्गी झोपड़ियों में भी लगातार जाकर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। क्योंकि हम सभी के सामूहिक प्रयास से ही प्रधानमंत्री का सपना पूरा होने वाला है। उपस्थित टीबी मरीजों और उनके अभिभावकों को टीबी मुक्त समाज बनाने तथा इस बीमारी से लड़ने में अपने प्रयासों को मजबूत करने की आवश्यकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि टीबी कोई बहुत बड़ी बीमारी नहीं है। क्योंकि अब इसका इलाज पूरी तरह से सफल इलाज हो रहा है। उन्होंने मरीजों को समय से दवा खाते रहने और डीबीटी चेक करते रहने की सलाह दी है। मरीजों के वजन में बढ़ोतरी होने की तहकीकात करने के लिए टीबी मरीजों का वजन और उनका फॉलोअप भी किया गया।
ट्रिपल टी मुहिम के माध्यम से टीबी रोकने की कोशिश सफ़ल:
इस संबंध में सदर अस्पताल परिसर स्थित यक्ष्मा केंद्र के वरीय यक्ष्मा पर्यवेक्षक (एसटीएस) मुकेश कुमार ने कहा कि टीबी खत्म करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। टीबी रोग के खात्मे के लिए 100 दिनों का विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसका मकसद टीबी रोगियों की पहचान कर ट्रेसिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट के माध्यम से टीबी रोकने की कोशिश करना तथा टीबी से होने वाली मौतों में कमी लाना है। उन्होंने टीबी मरीजों को अपना कोर्स पूरा करने तथा किसी भी तरह की परेशानी होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सदर अस्पताल से संपर्क करने की सलाह दी गई। सरकार द्वारा दवा, जांच, उपचार और डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में सहायता राशि दिया जाता हैं, लेकिन टीबी मरीजों को पोषण के लिए बांटी जाने वाली पोषण किट की व्यवस्था संस्था प्रमुख डॉ अंजू सिंह के द्वारा किया जाता है। जिसके लिए वह कई वर्षों से अनवरत अपनी भूमिका का निर्वहन करते आ रही हैं।




Recent Comments