दैनिक खोज खबर/सोनपुर।आर.पी.सी.ए.यू.-
कृषि विज्ञान केन्द्र, माँझी द्वारा “खेत बचाओ अभियान” के तहत गुरुवार को सोनपुर प्रखंड के चतुरपुर गांव में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार क़ो किया गया। कार्यक्रम में किसानों को टिकाऊ, वैज्ञानिक एवं लाभकारी खेती के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्यान विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र चंदोला ने बताया कि भारत सरकार के आह्वान पर यह अभियान 1 से 30 जून 2026 तक देश के सभी जिलों में चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना है।
उन्होंने किसानों को कृषि विज्ञान केन्द्र, माँझी में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, भारत सरकार एवं गवर्नमेंट ऑफ़ बिहार द्वारा संचालित कृषि योजनाओं, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, समेकित पोषक तत्व प्रबंधन, तथा खेती में हरी खाद के उपयोग एवं उसके लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कृषि अभियंत्रिकी विशेषज्ञ डॉ. सुषमा टम्टा ने किसानों को जीरो टिलेज मशीन के माध्यम से धान की सीधी बुवाई तथा लेजर लैंड लेवलर से खेतों के समतलीकरण की आधुनिक तकनीकों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों से लागत में कमी और उत्पादन में वृद्धि संभव है।
मृदा विशेषज्ञ डॉ. विजय कुमार ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड एवं मिट्टी जांच के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मिट्टी की नियमित जांच से फसलों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की सही मात्रा निर्धारित की जा सकती है, जिससे बेहतर उपज प्राप्त होती है।
कृषि समन्वयक रामजीत पंडित ने बिहार कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसानों को दी। वहीं प्रखंड तकनीकी प्रबंधक कनकलता कुमारी एवं सहायक तकनीकी प्रबंधक रविबाला सोनी ने ATMA (आत्मा) द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं किसान हितैषी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।