-ग्रामीण चिकित्सकों को दी गयी एसीएफ कार्यक्रमों की जानकारी
-एनआईओएस द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त ग्रामीण चिकित्सक हुए प्रशिक्षण में शामिल


अररिया, 12 जनवरी|
जिला यक्ष्मा केंद्र द्वारा ग्रामीण चिकित्सकों के एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार को किया गया| सदर अस्पताल सभागार में जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ वाईपी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में टीबी रोग के उन्मूलन से संबंधित विभिन्न पहलूओं पर विस्तृत चर्चा की गयी| कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक की भूमिका जिला टीबी व एड्स कोर्डिनेटर दामोदर शर्मा ने निभायी | कार्यक्रम में जिला यक्ष्मा केंद्र के अनवर नईम, उदयचंद पासवान, जनार्दन साह, मो रेहान हसन सहित ग्रामीण चिकित्सक चंदन कुमार यादव, दिलीप कुमार, दयानंद चौधरी, अरूण कुमार साह, अनिल कुमार सहित दर्जनों ग्रामीण चिकित्सक मौजूद थे|
टीबी उन्मूलन की दिशा में ग्रामीण चिकित्सकों की भूमिका महत्वपूर्ण
एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक की भूमिका निभा रहे जिला टीबी व एड्स कोर्डिनेटर दामोदर शर्मा ने बताया कि टीबी रोग के उन्मूलन में ग्रामीण चिकित्सकों की भूमिका महत्वपूर्ण है| एनआईओएस द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त ग्रामीण चिकित्सक ट्रीटमेंट सर्पोटर की भूमिका बखूबी निभा सकते हैं| उन्होंने डीटीसी के द्वारा राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी हारेगा देश जीतेगा अभियान के क्रम में ग्रामीण चिकित्सकों को टीबी रोग के लक्षण, इसके उपचार व बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए टीबी रोगियों के संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी| ग्रामीण चिकित्सकों का निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण, उच्च जोखिम युक्त समूह में टीबी की खोज, शहरी मलिन बस्ती, ईट भट्ठा, महादलित ग्रामीण टोला, में एसीएफ कार्यक्रम के तहत घर-घर मरीजों की खोज अभियान की जानकारी दी| प्रशिक्षण के दौरान सामुदायिक बैठक, डीएमई मीटिंग व प्रोत्साहन राशि से संबंधित विस्तृत जानकारी ग्रामीणों चिकित्सकों को दी गयी|

मरीजों की खोज पर चिकित्सकों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ वाईपी सिंह ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के उपरांत टीबी मरीजों की खोज, उनका पंजीकरण, टीबी मरीजों को जरूरी स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी| टीबी मरीजों की खोज पर ग्रामीण चिकित्सकों की खोज पर उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जाएगी | मरीज के ठीक हो जाने पर उन्हें प्रोत्साहन राशि के रूप में एक हजार की राशि देय होगी| साथ ही कहा कि टीवी मरीजों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निक्षय योजना के तहत प्रति माह पांच सौ रुपये डीबीटी के माध्यम से उन्हें अदा करने का प्रावधान है|