टीके के प्रति भ्रांतियों को दूर करने में मोहन कुमार की भूमिका महत्वपूर्ण

  • मोहन कुमार कहते हैं कि टीके के प्रति भ्रांतियों को दूर करने के साथ कोरोना से सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां गांव-गांव तक पहुंचाई गई

शिवहर। 7 जुलाई
कोरोना वैक्सीन को लेकर एक ओर जहां लोगों में गजब का उत्साह है, वहीं गांव के कई लोग अभी भी वैक्सीन लगवाने से कतरा रहे हैं। ऐसे लोगों के मन से वैक्सीन के प्रति भ्रांतियां को दूर करने के लिए कई स्तर से जागरूक किया जा रहा है। लोगों में जागरूकता के लिए कई सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न संगठनों के लोग अपनी भूमिका निभा रहे हैं। कोरोना से बचाव और टीकाकरण के प्रति जागरूकता के लिए मोहन कुमार ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिन्होंने अपनी संस्था सवेरा स्वयंसेवी संगठन के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलाई है। मोहन कुमार कहते हैं कि टीके के प्रति भ्रांतियों को दूर करने के साथ कोरोना से सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां गांव-गांव तक पहुंचाई गई है। 

प्रचार वाहन निकाल जागरूकता फैलाई

मोहन कुमार कहते हैं कि कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने तथा टीकाकरण कराने के लिए उन्होंने जागरूकता रथ निकाला। जिसके माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को टीकाकरण और कोरोना वायरस के फैलाव रोकने के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही उन्हें कोरोना वायरस से बचाव के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। वहीं टीकाकरण की संख्या बढ़ाने के लिए शुरू किए गए पुरस्कार योजना में भी वह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 

टीका कोरोना से सुरक्षा के लिये अनिवार्य

मोहन कुमार ने बताया कि वे खुद टीका के दोनों डोज लगवा चुके हैं। उन्होंने कहा कि टीकाकरण करना कोविड-19 संक्रमण से सुरक्षा के लिये अनिवार्य है। तभी अपनी जान की सुरक्षा कर सकते है। कोविड-19 में वैक्सीन ही आपकी जान बचा सकता है। उन्होंने कहा कि गांव के कुछ लोग जागरूकता की कमी के कारण टीकाकरण नहीं करा रहे हैं। जो लोग भ्रांतियां फैला रहे है वे ग्रामीणों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। कोरोना से मुक्त होने के लिए कोरोना टीका अनिवार्य है। ये वैक्सीन आपको सुरक्षित करता है।  

कोरोना काल में इन उचित व्यवहारों का करें पालन

  • एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
  • सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
  • अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
  • आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
  • छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।