
जयंती के तैयारी में पुण्यतिथि को ही भूल गया जेपीयू
आज दिनांक 8 अक्टूबर 2021 को आर एस ए के कार्यकर्ता दोपहर में जैसे ही विश्वविद्यालय कैंपस में पहुंचे देखे कि जयप्रकाश जी की मूर्ति गंदी है। कोई अभी तक श्रद्धांजलि अर्पित तक नहीं किया है । तुरंत कार्यकर्ताओं के द्वारा झाड़ू लेकर कपड़ा लेकर सफाई अभियान चालू कर दिया मूर्ति को साफ किया गया ।जहाँ मूर्ति स्थापित है, उसके अगल-बगल जगह को सफाई अभियान चलाया गया ।उसके बाद लोकनायक जयप्रकाश नारायण के मूर्ति पर फूल का माला पहना कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।
इस अवसर पर संगठन के संयोजक प्रमेन्द्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि पिछले दिनों कुछ तथाकथित विद्वानों राजनेताओं ,शिक्षकों एवं छात्र संगठन के द्वारा जेपी को लेकर बहुत प्रेम उभरा था। उस दिन भी हम लोगों ने कहा था कि यह मात्र दिखावा कर रहे है ।लोग इन लोगों को जेपी के विचार एवं सिद्धांत से कोई लेना-देना नहीं है। केवल अपने को चमकाने के लिए जेपी के नाम का यूज कर रहे हैं। आज प्रमाणित भी हो गया।
आर एस ए छात्र नेता कुणाल सिंह ने कहा कि सबसे बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि जेपी के जयंती मनाने हेतु विश्वविद्यालय प्रशासन जितना सजग रहता है ।जयंती के चक्कर में जेपी के पुण्यतिथि को भूल गया। विश्वविद्यालय प्रशासन पुण्यतिथि के अवसर पर दो फूल विश्वविद्यालय प्रशासन एवं तथाकथित विद्वान शिक्षक ,तथाकथित छात्र संगठन के लोग सामाजिक कार्यकर्ता राजनेता जो जेपी से प्रेम का ढोंग करते हैं। जयप्रकाश विश्वविद्यालय से प्रेम का ढोंग करते हैं। दो फूल चढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय कैंपस में आज नहीं दिखे।
वहीं आर एस ए छात्र नेता महेश यादव ने कहा कि हम लोगों को दिखावे की जरूरत नहीं है ।हम लोग काम करते हैं। लगातार 12 वर्षों के संघर्ष के बाद मूर्ति की स्थापना करवाये लोग। विश्वविद्यालय प्रशासन भले ही पुण्यतिथि पर जेपी को भूल जाए। अपने कुलदेवता को भूल जाए। लेकिन हम लोग नहीं भूलेंगे ।क्योंकि हम लोग दिल से जे पी के विचार, जे पी के दर्शन ,जेपी का सिद्धांत को मानने वाले लोग हैं ।हम लोग अपने कुलदेवता को नहीं भूल सकते ।इस अवसर पर हम लोगों ने श्रद्धांजलि दिया है ।इस अवसर पर महेश कुमार, रमेश कुमार, गोलू कुमार सिंह, सौरभ कुमार ,छोटू सिंह समेत दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
भवदीय
प्रमेन्द्र सिंह कुशवाहा
संयोजक आर एस ए




Recent Comments