• अप्रैल में 89 प्रतिशत, जबकि मई में 80 प्रतिशत बच्चों का हुआ फुल इम्यूनाइजेशन 

सीतामढ़ी। 11 जुलाई
जिले में  कोविड-19 वैक्सीनेशन के साथ नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की गति को भी तेजी से चलाया जा रहा है। ताकि हर हाल में गर्भवती और बच्चों का नियमित टीकाकरण (आर आई) सुनिश्चित हो सके। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एके झा ने बताया कि शून्य से दो साल तक के नौनिहालों को नियमित टीका देने का कार्यक्रम  निरंतर जारी है। अप्रैल में 89 प्रतिशत, जबकि मई में 80 प्रतिशत बच्चों का फुल इम्यूनाइजेशन किया गया। इसमें जिले के बोखरा, डुमरा, परिहार, पुपरी, रीगा प्रखंड  का प्रदर्शन बेहतर रहा। डॉ. झा ने बताया कि कोविड-19 टीकाकरण के साथ नियमित टीकाकरण की गति को भी बरकरार रखना जरूरी है। कोविड-19 की वजह से चुनौतियां थोड़ी बढ़ी हुई है, लेकिन चुनौतियों के बावजूद नियमित टीकाकरण की गति बरकरार रखते हुए टीकाकरण किया जा रहा। 
समय पर बच्चों का टीकाकरण जरूरी- 
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एके झा ने बताया कि सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने एवं शिशु के स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए समय पर नियमित टीकाकरण जरूरी है। इसलिए कोविड-19 के साथ-साथ नियमित टीकाकरण कार्यक्रम का भी आयोजन कर योग्य लाभार्थी का नियमित टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण बच्चों को डिप्थेरिया, काली खांसी, हेपेटाइटिस बी, टेटनेस, पोलियो, टीबी व खसरा जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी है। नियमित टीकाकरण के दौरान शून्य से दो वर्ष तक के बच्चों को बीसीजी, ओपीवी, पेंटावेलेंट, रोटा वैक्सीन, आईपीवी, मिजल्स, विटामिन ए, डीपीटी बूस्टर डोज, मिजल्स बूस्टर डोज और बूस्टर ओपीवी के टीके लगाए जाते हैं।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित टीकाकरण की व्यवस्था-
निर्धारित तिथि के अनुसार जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित टीकाकरण अभियान चलाया जाता है। कोविड प्रोटोकॉल के पालन के साथ संबंधित क्षेत्र की एएनएम द्वारा सेविका एवं आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से गर्भवती एवं शिशु का नियमित टीकाकरण किया जाता है। इसके अलावा जिला मुख्यालय एवं पीएचसी में भी टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। सरकार की ओर से चलाए जाने वाले मिशन इंद्रधनुष अभियान के जरिए बच्चों को टीका लगाया जाता है।