सेंट्रल डेस्क।अब जब गुरुवार को लोजपा के पारस गुट द्वारा आहूत कार्यकारणी की बैठक में पाशुपति नाथ पारस को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर मनोनयन की घोषणा कर दी गई, तो चिराग पासवान का पक्ष आना तय ही माना जा रहा था।तो शुक्रवार को मीडिया से चिराग पासवान ने बताया कि पारस चाचा जी का लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर मनोनयन असंवैधानिक करार दिया और कहा कि पार्टी संविधान इसकी इजाजत नहीं देता है, वही राष्ट्रीय कार्यकारणी में उनके 30 सदस्यों की उपास्थि कोरम पुरा करने के लिए चाहिये, लेकिन पार्टी के बागी केवल 8-10 की संख्या में ही कार्यकारणी सदस्यों की मौजूदगी की मुझे जानकारी मिली है।वहीं पार्टी के संविधान के कई आर्टिकल की चर्चा की।जिसमें सभी बिंदुओं पर पारस गट द्वारा किये जा रहे पार्टी के नाम और बैनर का दुरुपयोग बताया।वही पार्टी को बचाने के सवाल पर बोले कि-पापा जी ने बड़ी खून,पसीने और मेहनत से सींचा है, इससे बिखरने नही दूंगा।अब माना जा रहा है कि लोजपा का कलह अब अंगड़ाई लेना शुरू कर दिया है।इसकी लड़ाई लंबी चलने की संभावना इसलिए है कि फिलहाल बिहार और केंद्र की सरकार के सेहत पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ता दिख रहा है।इसलिए धीरे धीरे सब कुछ तय होगा।