•गोधरा कांड में संलिप्त लश्कर ए तैयबा का इस्लामिक चरमपंथी फरहान मुरादाबाद के मुगलपुरा से गिरफ्तार
मुरादाबाद लश्कर ए तैयबा का आतंकी और गोधरा कांड में शामिल फरहान को मुगलपुरा की पुलिस ने फर्जी पासपोर्ट के मामले में धर दबोचा है। फरहान भले ही ढाई साल से मुरादाबाद में रह रहा हो लेकिन फरहान का मुरादाबाद से कनेक्शन है।
फरहान के पिता मुस्ताक अहमद मूलरूप से शोहरतगढ़ सिद्धार्थ नगर का रहने वाले थे। मुस्ताक अहमद सिद्धार्थ नगर से मुरादाबाद आ गए और यहां हैविट मुस्लिम इंटर कालेज में पढ़ाते थे। कुछ समय बाद मुस्ताक अहमद अपनी पत्नी को भी मुरादाबाद ले आये और जामा मस्जिद के पास किराये के मकान में रहने लगे। जमा मस्जिद के मौहल्ले में ही फरहान का जन्म 1967 में हुआ। फरहान की शिक्षा मंसूरी के एक स्कूल में 10 वीं तक हुई।
मंसूरी से वापस आने के बाद मुस्ताक अहमद अपने पूरे परिवार के साथ कुवैत चले गए। गुजरात मे दंगा होने के बाद फरहान हिन्दुस्तान वापस आया और दंगा पीड़ितों की मदद करने लगा। गुजरात में ही उसकी मुलाकत उसके पुराने दोस्त अहमद बक्शी से हुई जो मूलरूप से अहमदाबाद का रहने वाला था। यहीं से दोनों के तार लश्कर ए तैयबा से जुड़ गए।
इस बीच फरहान मुरादाबाद के कटघर और मुगलपुरा इलाके में भी रहा। हिंदुस्तान में रहकर यह दोनों भाजपा और आरआरएस के नेताओं को मारने का प्लान बनाने लगे। जिनको 6 अगस्त 2002 में निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से विस्फोटक सामग्री के साथ एएसपी राजवीर ने उनको गिरफ्तार किया था। इस मामले में दोनों को सात साल की सजा हुई थी जिसमे सात साल के बाद 2009 में जेल से बाहर आ गए थे।

फरहान का मुरादाबाद के बैंक ऑफ बड़ौदा में खाता है। फरहान ढाई साल से मुरादाबाद के मुगलपुरा में शकील के यहां किराये पर रह रहा था। शकील ने बताया कि कभी जानने की कोशिश ही नहीं की क्या करता है, क्या नहीं, समय से किराया देने आ जाता था। मुगलपुरा के लोगों को तो अभी तक विश्वास ही नहीं हो रहा कि उनके बीच इतने समय से एक आतंकी रह रहा था। फिलहाल पुलिस ने फरहान को जेल भेज दिया है।