मांझी(सारण)। गुमनाम स्वतंत्रता सेनानी व सिंगही मठ के महंत राम सेवक दास जी महाराज शुक्रवार को 101 वर्ष की उम्र में ब्रम्हलीन हो गए। शाम को मटियार के समीप पूरे सम्मान के साथ पवित्र सरयू में उन्हें जल समाधि दे दी गई। मठ के पुजारी अवधेश दास ने बताया कि स्व महंत झारखंड के पलामू जिले के रहने वाले थे।हालांकि उनके परिवार का कोई अता पता नही था। लगभग पांच दशक पूर्व वे मठ पर आए तभी से वे लगातार मन्दिर पर महंत की जिम्मेवारी सम्हाल रहे थे। उनके बारे में कहा जाता था कि वे स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कई बार जेल गए थे। वे महीनों तक महात्मा गांधी के साथ जेल की यातनाएं झेली थी। मृदुल स्वभाव के सन्त के रूप में आसपास के क्षेत्र के लोग उनका बेहद सम्मान करते थे। सेनानी व सन्त के ब्रम्हलीन होने की सूचना पाकर पहुंचे बीडीओ नील कमल सीओ दिलीप कुमार तथा थानाध्यक्ष नीरज मिश्रा ने शव को तिरंगे में लपेट कर अंतिम सलामी दी।मौके पर स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि शैलेन्द्र उपाध्याय मनीष कुमार इंस्पेक्टर धर्मेन्द्र कुमार सुरेंद्र यादव,संतोष पांडेय, वीरबहादुर सिह,अविनाष पांडेय आदि अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।