जमुई । (संजीव कुमार सिंह) :
सरकार बच्चे को पढ़ाने से लेकर नौकरी तक के लिए तरह-तरह की योजनाएं चलाए हुए हैं लेकिन बच्चे पढ़ाई करने के बजाए सरकार के पैसे को दुरुपयोग करने में लगे हुए हैं वहीं एनजीओ सरकार से पैसे लेने में लगे हुए हैं बच्चे पर सही ढंग से ध्यान नहीं दिया जाता है झा एनजीओ मालामाल हो रहे हैं वहीं बच्चे ड्रक्स और नशा का सेवन करते नजर आ रहे हैं जमुई शहर में कौशल विकास योजना के कई एनजीओ चलाया जा रहा है एनजीओ के माध्यम से बच्चों को उच्च शिक्षा व नौकरी देने की बात रहा करती है लेकिन एनजीओ पढ़ाई व नौकरी तो छोड़ बच्चे नशा का सेवन करते जमुई शहर में नजर आ रहे हैं एनजीओ भोजन शिक्षा व नौकरी की जिम्मेदारी भी लेती है लेकिन सर जमी पर कुछ और बयां कर रहा है शहर के बुधमन तालाब स्थित डीडीजीकेवाई के सेंट्रर के दो लड़कों को गाजा पीने के आरोप में जमुई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया । दोनों लड़का डीडीजीकेवाई के छात्र बताया जाता है। कहने को सेंटर में बहुत सारा नियम कानून है । लेकिन वहां जाने के बाद एक बच्चे को बाजार जाने के नाम पर इंट्री थी और दूसरे अश्विनी कुमार का रजिस्टर में इंट्री भी नहीं था। थाना इंचार्ज रविंद्र कुमार ने बताया कि गया का लड़का है । जमुई में पढ़ने के नाम पर रहता है और नशा सेवन करते हुए पकड़ा गया है। जमुई को बाहर का़ लडका ही अशांत कर रहा है । इधर सेंट्रल मैनेजर निरंजने कुमार से बात हुई। उन्होंने सारी बात से अनभिज्ञता जताया । जब रजिस्टर चेक किया गया तो 1 बच्चे मुकेश कुमार यादव पिता स्वर्गीय बालमुकुंद घर हमजा थाना वजीरगंज जिला गया बाजार करने के नाम पर गया हुआ था । वही अश्विनी कुमार कि रजिस्टर में कहीं से इंट्री नहीं थी। मामला की जानकारी जिविका के अधिकारी अमित कुमार को दिया गया तो वह सन्न रह गए । उन्होंने कहा कि में अभी छुट्टी में हूं आने पर इसकी तहकीकात की जाएगी। बताते चलें कि डेढ़ साल पहले ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के पीछे चल रहे डीडीजीकेवाई कैप फौंडेशन कंपनी में भी मारपीट केस आदि हुई थी । उस घटना में भी गया का लड़का के कारण सेंट्रल में तोड़फोड़ तक हो गया था। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि कैप फाउंडेशन के लड़का शाम में लड़कियों के साथ बदतमीजी किया करते थे। जिसके कारण आक्रोशित होकर के मोहल्ले और महीसोडी के कुछ लड़कों ने कैप फाउंडेशन के लड़के के साथ मारपीट किया था और सेंट्रल में तोड़फोड़ भी किया था इस केस में पभारी एसपी और कई पदाधिकारी भी आए थे लेकिन लड़के की गलती होने के कारण मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया और बाद में समझौता हो गया। उसी तरह प्रभारी थाना प्रभारी ने कुछ घंटों बाद आवेदन पर हस्ताक्षर कराकर छोड़ दिया ।