तरैया 24.07.2020

सारण तटबंध के पश्चिमी क्षेत्र में गंडक नदी के लगातार बढ़ते पानी से घरों में घुस गया है।जिससे लोग अपने घर के छत पर एवं सारण तटबंध पर शरण लिए हुए है।प्रखंड के सगुनी,शामपुर, जिमदाहा,अरदेवा,शीतलपुर,माधोपुर,हसनपुर बनिया,चंचलिया,राजधानी, भलुआ शंकरडीह,राजधानी,आकूचक संग्रामपुर,भटगाई और मोलनापुर के लोग सारण तटबंध पर शरण लिए हुए है।बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि मवेशियों सहित हमलोगों को भी सरकारी सहायता नही मिल रहा है।वही सीओ वीरेन्द्र मोहन ने बताया कि प्रखंड में दस जगहों पर राहत शिविर कैम्प चल रहा है।जिसमें मध्य विद्यालय सगुनी, स्वास्थ्य उपकेन्द्र शीतलपुर,आकूचक, मध्य विद्यालय चंचलिया,मध्य विद्यालय माधोपुर,मध्य विद्यालय अरदेवा,मध्य विद्यालय रसीदपुर हिंदी,चंचलिया धर्मशाला,प्राथमिक विद्यालय हसनपुर बनिया एवं फरीदपुरा फुटानी बाज़ार पर राहत शिविर चल रहा है।वही देवापुर में तटबंध टूटने से सारण तटबंध के पूर्वी क्षेत्र के ग्रामीणों में भय ब्याप्त है।जिसमें प्रखंड के पोखरेड़ा,लौवा, चकिया,सिरमी,चैनपुर,खराटी,डुमरी, अंधरबाड़ी,डुमरी,हरखपुरा,तरैया रामकोला,मुरलीपुर, देवरिया,भलुआ शंकरडीह,देवरिया,बेलहरी,पचौरर, मँझोपुर,नारायणपुर सहित अन्य गांव के ग्रामीणों में भी भय ब्याप्त है।ग्रामीणों का कहना है कि 2001 एवं 2017 में भी देवापुर एवं बंगरा में भी तटबंध टूटा हुआ था।जिसका पानी प्रखंड में लगभग 20 से 25 दिन रहने से बाढ़ पीड़ितों को बहुत परेशानी हुआ था।ग्रामीणों ने बताया कि आज बाज़ारो में खाद्य सामग्री खरीदने के लिए दुकानों पर भीड़ लगी हुई है।