मांझी(सारण)। गंगा दशहरा के अवसर पर सोमवार की सुबह सरयु नदी के रामघाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में महिलाओं व पुरुषों ने डुबकी लगाने के बाद तट पर गंगा मइया को लड्डू चढ़ा कर पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने कोरोना से मुक्ति के लिए गंगा मइया से प्रार्थना की। रामघाट पर मेले जैसा दृश्य था। वहीं उत्साह के कारण भीड़ में लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भूल गए। इधर हनुमान गढ़ी मन्दिर परिसर में सुबह चौबीस घण्टे का अखंड रामायण पाठ सम्पन्न हुआ। पूर्णाहुति के अवसर पर गायक दिवाकर सिंह महादेव यादव सुचित सिंह तथा घनश्याम ओझा आदि कलाकारों ने आरती व भजन आदि प्रस्तुत किया।मौके पर दर्जनों साधु संतों व भक्त जनों ने भंडारे में भाग लिया। अनुष्ठान का संचालन सन्त रामप्रिय दास ने किया। धार्मिक ग्रन्थों व मान्यताओं के अनुसार इसी दिन राजा भगीरथ के अथक प्रयास व तपस्या से गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थी। वहीं आधुनिक संदर्भ में कहा जाता है कि जल के महत्व को पहचानते हुए तब के जल-वैज्ञानिक भगीरथ ने गंगा को गोमुख से गंगा-सागर तक ले जाने का सफल प्रयास किया था।