मशरक (सारण) कोरोना महामारी का खौफ इस कदर है कि पीएचसी में इलाज के लिए आए मरीजों की मौत के बाद कोई भी मृत शरीर को छूने से कतराने लगे हैं।वही परिजनों के सामने मृत अपनों के शव को घर ले जाना बड़ी समस्या हो जा रही है। मामला है कि मशरक पीएचसी में गुरूवार की सुबह ओपीडी खुलते ही इलाज के लिए बंसोही गांव के एक शख्स को परिजनों द्वारा लाया गया जिनकी हदय गति रूकने से मौत हो गई। चिकित्सक द्वारा मृत घोषित करने के बाद परिजन के सामने शव को घर ले जाना बड़ी समस्या खड़ी हो गई।मृतक के साथ आई महिलाओं का रो रो कर हाल बुरा था वही पीएचसी गेट के पास आटो स्टैंड से आटो चालक द्वारा कोरोना के भय से जाने से इंकार कर दिया गया। ऐसी विकट परिस्थिति में मौके पर आर्मी कैंटीन संचालक रंजन कुमार सिंह ने पहल करतें हुए थानाध्यक्ष मशरक को सूचना दी मौके पर थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने पुलिस बल के साथ मानवता का परिचय देते हुए ऑटो से परिजनों के साथ घर भेजवाया। मौके पर आर्मी कैंटीन संचालक रंजन कुमार सिंह ने कहा कि पीएचसी में बंसोही के एक व्यक्ति को परिजन लाएं थें पर हदय गति रूकने से मौत हो गई पर अफवाह की वजह से कोई आटो ले जाने के लिए तैयार नहीं था जिसे समझा-बुझाकर भेजा गया।वही थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि लोग अफवाह उड़ा दें रहें हैं आप सभी अफवाहों पर ध्यान नहीं दे।कोरोना से डरना नहीं है उससे लड़ना है।सबसे बड़ी लड़ाई मास्क पहनना और दो गज की दूरी हैं साथ ही सेनेटाइजर का इस्तेमाल करतें रहें। हाथों को साबुन से धोते रहें।