• नये किसान कानून से होने वाले किसानों के कल्याण की बात की।
• सत्ताभोग की बजाय सेवा भाव से काम करने वाले है प्रधानमंत्री मोदी
• जिसे देश की जनता ने नकारा वही आज किसानों को गुमराह कर रहा है
• प्रधानमंत्री ने बटन दबाकर 9 करोड़ से अधिक पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों के खातों में 18000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किया

सारण, 25 दिसम्बर 2020 । कृषकों की उन्नति में ही राष्ट्र की प्रगति समाहित है। किसानों को योजनाबद्ध तरीके से योजनागत लाभ मिलना चाहिये, ऐसा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी कहा करते थे। उन्होंने किसानों के कल्याण की कई योजनाएँ लागू कीं। वे भारत के सभी किसानों को सम्पन्न देखना चाहते थे। उक्त बात करते हुए सारण सांसद सह भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव प्रताप रुडी ने आगे बताया कि अटल जी के ‘समृद्ध किसान’ वाले स्वप्न को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी पूरा कर रहे हैं। उन्होंने किसानों के कल्याण, उन की आय में वृद्धि और समृद्धि के लिए तीन कानून बनाये, जो संसद से विधिवत् पारित हुए। किसानों के उत्थान, उनकी पारिवारिक स्थिति में सुधार, आर्थिक उन्नति और व्यावसायिक समृद्धि का सोपान है ये नए कृषि सुधार कानून। इसका विरोध देश और किसान के हित में कभी नहीं हो सकता है। अटल जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री द्वारा किसान सम्मान निधि के कार्यक्रम के पश्चात सांसद रुडी ने मीडिया से बातचीत के दौरान उक्त बाते कही।
सांसद रुडी ने बताया कि किसानो के जीवन की खुशी में अपनी खुशी महसूस करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से बड़ी राहत पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि जनहित के लिए बड़े काम तभी होते हैं जब समर्पण भाव से काम किया जाता है और जब सत्ताभोग के बजाय सेवा भाव से काम होता है, तब ऐसे काम होते हैं। किसानों भ्रमित करने वाले किसानों के कभी हितैषी नहीं हो सकते। किसानों के आंदोलन के बहाने लोग अपनी-अपनी कुनीतियों को उजागर कर रहे है। जो देश और किसान के हित में कभी नहीं हो सकता। जिस कानून पर आज कुछ फिरकापरस्त लोग किसानों को भ्रमित कर रहे है उसमें यह प्रावधान है कि किसान अपनी उपज को राज्य या केंद्र सरकार को सीधे बेच सकते है। इस कानून में कमिशनखोरी वाली प्रथा को समाप्त किया गया है। जिससे सरकार और किसान के बीच में मध्यस्थता की एजेंसी चलाने वाले लोग ही किसानों को भ्रमित कर रहे है। जबकि सम्पूर्ण देश के किसानों ने इस कानून के प्रति अपनी संतुष्टि जाहिर की है।




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