संजय विजित्वर (हाजीपुर)- जी हां,कविता बोझिल मन को हर्षित करती है। शिथिल मन में ऊर्जा देती है। आदर्श भावना का संचार करती है। आत्मीयता का भाव जगाती हैं ।प्रेम और एकता के बंधन से बांधने का प्रयास करती है।सच मानें तो निश्छल और उद्दात हृदय की विराट अभिव्यक्ति है कविता। स्थानीय सिनेमा रोड स्थित

बाबू शिवजी राय मेमोरियल लाइब्रेरी द्वारा लाइब्रेरी के सभा कक्ष में आयोजित कवि-गोष्ठी में अनेक कवियों ने अपनी-अपनी रचना सुनायी। आयोजित कवि-गोष्ठी की अध्यक्षता रंगकर्मी और युवा कवि जिवेश सिंह और साहित्य सचिव मेदनी कुमार मेनन ने संचालन की । कविता-पाठ का शुभारंभ
कवि डॉ हरिशंकर प्रसाद सुमन ने प्रेम और प्रकृति की चार रचना हिंदी और अंग्रेजी में सुनाकर किया। युवा कवयित्री मिनाक्षी पांड्या ने स्त्री की बंदिशों और ख्वाइशों की कविता– ” बदकिस्मती से तुम भी इंसान बन गए’ ‘ सुनायी ।वहीं
रंगकर्मी और शिक्षक उमेश निराला ने पर्यावरण और सामाजिक समरसता की कविता
‘अनेकता में एकता’ सुनायी।
रंगकर्मी ज्ञानेश गौतम ने ‘ हर कोई पास है ‘ तथा
दो अन्य व्यंग्य कविता सुनायी।
इस अवसर पर पत्रकार
विकास आनंद ने हरिशंकर परसाई की कविता का आवृत्ति पाठ किया तथा युवा कवि
कुमार वीर भूषण ने ”हौसले” शीर्षक से कविता सुनाई l
कवि- गोष्ठी में उपस्थित हुए कवियों का स्वागत लाइब्रेरी के शिक्षा सचिव राजेश परासर ने किया। इस कार्यक्रम में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए उपस्थित कवियों ने अपनी-अपनी कविता सुनाई।